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    चाणक्य नीति: अगर आपके पार्टनर में हैं ये 4 गुण, तो समझ लें आप हैं दुनिया के सबसे खुशकिस्मत इंसान

    Updated: Sat, 09 May 2026 05:59 PM (IST)

    आचार्य चाणक्य में कहा गया है कि, पार्टनर के कुछ विशेष गुण व्यक्ति को भाग्यशाली बनाते हैं और वैवाहिक जीवन खुशहाल बना रहता है। ...और पढ़ें

    पार्टनर के इन गुणों से चमक जाती है किस्मत (Picture Credit- AI Generated)

    पार्टनर के इन गुणों से चमक जाती है किस्मत (Picture Credit- AI Generated)

    HighLights

    1. चाणक्य नीति बताती है सच्चे साथी का महत्व

    2. पार्टनर के धैर्य, धर्म, मधुर वाणी जैसे गुण भाग्यशाली बनाते हैं

    3. ऐसे जीवनसाथी से घर स्वर्ग के समान हो जाता है

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में बताया गया है कि आपके पार्टनर की कौन-सी खूबियां आपको भाग्यशाली बनाती हैं। इसमें मुश्किल परिस्थितियों में साथ निभाना, धार्मिकता, धैर्य, मधुर वाणी आदि जैसे गुण शामिल हैं। इन गुणों के होने पर घर स्वर्ग के समान हो जाता है और पार्टनर की किस्मत चमक जाती है। चलिए जानते हैं इसके बारे में।

    भाग्य वालों को मिलती है ऐसी पत्नी

    1. "सा भार्या या शुचिर्दक्षा या पतिव्रता।
    या पतिप्राणयित्वा या सत्यं पतिव्रता॥"

    इस श्लोक में चाणक्य कहना चाहते हैं कि जिस व्यक्ति के लाइफ पार्टनर में धैर्य, धर्म, और मधुर वाणी जैसे गुण होते हैं और जो कभी सत्य का साथ नहीं छोड़ते, उनका वैवाहिक जीवन हमेशा सुख-शांति से भरा रहता है। साथ ही इन्हें अपने पार्टनर का पूरा साथ मिलता है।

    इनके लिए धरती पर ही होता है स्वर्ग

    2. भोज्यं भोजनशक्तिश्च रतिशक्तिर्वराङ्गना ।
    विभवो दानशक्तिश्च नाल्पस्य तपसः फलम्

    चाणक्य नीति इस श्लोक में कहा गया है कि भोजन के योग्य पदार्थ और भोजन की शक्ति, सुंदर स्त्री और रति की शक्ति, एश्वर्य और दान देने की शक्ति, ये सुख किसी अल्प (थोड़े) तप का फल नहीं हैं। ये सब भाग्यशाली मनुष्यों को ही मिलते हैं, जिन्होंने पिछले जन्म में बहुत मेहनत या धर्म-पुण्य किया हो। यह श्लोक इस बात पर भी प्रकाश डालता है कि जीवन को स्वर्ग बनाने में एक अच्छे पार्टनर का भी हाथ होता है।

    Chanakya Niti Wife ai

    (Picture Credit- AI Generated)

    कौन है सच्चा साथी?

    3. विद्या मित्रं प्रवासेषु भार्या मित्रं गृहेषु च।
    व्याधितस्यौषधं मित्रं धर्मो मित्रं मृतस्य च॥

    चाणक्य नीति का यह श्लोक जीवन में सच्चे साथी के महत्व पर प्रकाश डालता है। इसमें आचार्य चाणक्य कहते हैं कि एक रोगी के लिए सबसे बड़ा मित्र उसकी दवाई है। विदेश या घर से दूर की यात्रा में ज्ञान ही व्यक्ति का सबसे बड़ा मित्र है, क्योंकि आपका ज्ञान ही आपको सही राह दिखा सकता है।

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    इसी तरह घर में पार्टनर (पत्नी) ही आपका सबसे बड़ा दोस्त है, जो हर सुख-दुःख में आपका साथ निभाते हैं। जैसे मृत्यु के बाद केवल व्यक्ति के किए गए अच्छे कर्म ही उसका साथ देते हैं।

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