Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    आचार्य चाणक्य के अनुसार, अगर इन 5 चीजों का ढोल पीटा, तो बनते काम भी बिगड़ जाएंगे

    Updated: Sun, 10 May 2026 05:22 PM (IST)

    चाणक्य नीति के अनुसार चतुर व्यक्ति अपनी कुछ बातों को गुप्त रखकर ही अपना सम्मान और मानसिक शांति बनाए रख सकता है। ...और पढ़ें

    इन बातों को गुप्त रखने से मिलती है सफलता (Picture Credit- AI Generated)

    इन बातों को गुप्त रखने से मिलती है सफलता (Picture Credit- AI Generated)

    HighLights

    1. धन के नुकसान को किसी को न बताएं

    2. मन के दुख और घर की बातें गुप्त रखें

    3. अपमान और अपनी कमजोरियां उजागर न करें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। कभी-कभी हम करीबियों या दोस्तों को अपनी सारी बातें बता देते हैं, जो आगे चलकर हमारे लिए नुकसान का कारण बनती हैं। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में ऐसी कई बातों का जिक्र किया है, जिनका ढोल नहीं पीटना चाहिए यानी उन्हें गुप्त रखना चाहिए, वरना व्यक्ति अपना ही नुकसान कर बैठता है। चलिए जानते हैं कि इस बारे में चाणक्य की नीति क्या कहती है।

    इन बातों को बताने से होता है नुकसान

    श्लोक 1 - अर्थनाशं मनस्तापं गृहिण्याश्चरितानि च।
    नीचं वाक्यं चापमानं मतिमान्न प्रकाशयेत्॥

    चाणक्य नीति का यह श्लोक जीवन में गोपनीयता और समझदारी के महत्व को बताता है। इस श्लोक में कहा गया है कि बुद्धिमान (मतिमान) व्यक्ति को अपनी इन पांच बातों को दूसरों के सामने प्रकट नहीं करना चाहिए, फिर चाहे वह व्यक्ति आपके कितना ही करीब क्यों न हो -

    1. धन का नाश - अगर आप किसी को पैसे के हुए नुकसान के बारे में बताते हैं, तो इससे लोग आपकी आर्थिक स्थिति का मजाक उड़ा सकते हैं या फिर आपका फायदा भी उठा सकते हैं।
    2. मन का दुख - आचार्य चाणक्य कहते हैं कि अगर आपके मन में कोई दुख है, तो इसे किसी को न बताएं। क्योंकि कुछ लोग सामने तो आपके दुख पर सहानुभूति जताते हैं, लेकिन पीठ पीछे हंसते हैं।
    3. घर की बातें - चाणक्य नीति के इस श्लोक में कहा गया है कि घर की कमजोरियां बाहर बताने से परिवार की प्रतिष्ठा गिरती है। या फिर आपके घर के हालातों का फायदा भी उठाया जा सकता है। इसलिए चाहे कोई कितना भी खास क्यों न हो, उसे अपने घर की सारी बातें न बताएं।
    4. नीच वाक्य और अपमान - अगर कभी किसी व्यक्ति ने आपको अपशब्द कहे हैं, या फिर आपका कभी अपमान हुआ है, तो इस तरह की बातों को भी दूसरों को बताने से बचना चाहिए। क्योंकि इससे अपमानित व्यक्ति की ही बदनामी होती है।
    5. अपनी कमजोरियां - कभी किसी को अपनी कमजोरियों का जिक्र न करें। ऐसे में आप जगहंसाई का कारण बनते हैं या फिर कोई दूसरा व्यक्ति आपकी उन कमजोरियों का फायदा भी उठा सकता है।

    न पीटें इस बात का ढिंढोरा

    श्लोक 2 - मनसा चिन्तितं कार्यं वाचा नैव प्रकाशयेत् ।

    मन्त्रेण रक्षयेद् गूढं कार्ये चापि नियोजयेत् ॥

    इस श्लोक में आचार्य चाणक्य कहते हैं कि व्यक्ति को मन में सोचे गए कार्य को कभी भी किसी के सामने प्रकट नहीं करना चाहिए। ऐसे में व्यक्ति को अपनी योजना को हमेशा गुप्त रखना चाहिए, ताकि उस कार्य की सफलता सुनिश्चित हो सके
     

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।

    खबरें और भी