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    Chanakya Niti: कौन-से लोग धरती पर ही करते हैं स्वर्ग का अनुभव, आचार्य चाणक्य ने बताया ये राज 

    By Suman SainiEdited By: Suman Saini
    Updated: Tue, 10 Mar 2026 05:12 PM (IST)

    हर व्यक्ति की यह चाह रहती है कि उसका जीवन सुख-शांति से बीते और इसके लिए वह हर संभव प्रयास भी करता है। चाणक्य नीति बताती है कि कुछ लोगों का जीवन आनंदमय ...और पढ़ें

    सफल जीवन के लिए चाणक्य नीति टिप्स (AI Generated Image)

    सफल जीवन के लिए चाणक्य नीति टिप्स (AI Generated Image)

    HighLights

    1. चाणक्य नीति में बताई गई हैं कई जीवनोपयोगी बातें

    2. इन लोगों को धरती पर ही मिल जाता है स्वर्गिक जीवन

    3. इन लोगों के घर में हमेशा बना रहता है लक्ष्मी जी का वास

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। आज के समय में भी चाणक्य नीति (Chanakya Niti tips) की प्रासंगिकता बनी बुई है। लोग आचार्य चाणक्य द्वारा बताई गई बातों को अपने जीवन में उतारते हैं, जो उन्हें सफलता प्राप्ति की राह पर ले जाती है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि आचार्य चाणक्य के अनुसार वह कौन-से लोग हैं, जो धरती पर ही स्वर्ग के समान जीवन जीते हैं।

    1. भोज्यं भोजनशक्तिश्च रतिशक्तिर्वराङ्गना ।
    विभवो दानशक्तिश्च नाल्पस्य तपसः फलम्

    चाणक्य नीति इस श्लोक में कहते हैं कि भोजन के योग्य पदार्थ और भोजन की शक्ति, सुंदर स्त्री और रति की शक्ति, एश्वर्य और दान देने की शक्ति, ये 6 तरह के सुख बहुत ही कम लोगों को मिलते हैं। इन सभी के होने पर व्यक्ति को किसी अन्य सुख की इच्छा नहीं रहती। जिसे भी यह 6 तरह के सुख प्राप्त है, उस व्यक्ति के लिए धरती पर ही जीवन स्वर्ग के समान हो जाता है।

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    (AI Generated Image)

    2. यस्य पुत्रो वशीभूतो भार्या छन्दानुगामिनी।
    विभवे यस्य सन्तुष्टिस्तस्य स्वर्ग इहैव हि ॥

    इस श्लोक का भावार्थ है कि जिस व्यक्ति की संतान आज्ञाकारी हो, अर्थात अपने माता-पिता की हर बात मानें, जिसका जीवनसाथी वेदों के मार्ग पर चलने वाली हो और जो अपने पास मौजूद धन-वैभव से संतुष्ट हो, उसके लिए धरती पर ही स्वर्ग है।

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    (AI Generated Image)

    3. मूर्खाः यत्र न पूज्यन्ते धान्यं यत्र सुसंचितम् ।
    दाम्पत्योः कलहो नास्ति तत्र श्री स्वयमागता॥

    आचार्य चाणक्य इस श्लोक के माध्यम से कहते हैं कि जिस घर में मूर्खों का सम्मान नहीं किया जाता, अन्न के भंडार सदा भरे रहते हैं और पति-पत्नी के बीच कलह नहीं होती, ऐसे स्थान पर स्वयं मां लक्ष्मी का वास होता है। ऐसे में इस तरह के व्यक्ति का जीवन भी आनंद से भरा रहता है और उसे जीते-जी धरती पर ही स्वर्ग के समान आनंद मिलता है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।