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    आज से शुरू हुआ चातुर्मास, श्री हरि के शयन के बाद कौन करेगा सृष्टि का संचालन?

    Updated: Sat, 25 Jul 2026 08:34 AM (IST)

    देवशयनी एकादशी से चातुर्मास शुरू होता है, जब भगवान विष्णु चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं। इस अवधि में सृष्टि का संचालन भगवान शिव करते हैं ...और पढ़ें

    कब से शुरू होगा चातुर्मास? (Picture Credit: AI Generated)

    कब से शुरू होगा चातुर्मास? (Picture Credit: AI Generated) 

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    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में देवशयनी एकादशी को महत्वपूर्ण माना जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, आज यानी देवशयनी एकादशी 25 जुलाई मनाई जा रही है। इस दिन से चातुर्मास की शुरुआत हो गई है। चातुर्मास के दौरान शुभ और मांगलिक काम नहीं किए जाते हैं।

    आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चातुर्मास में भगवान विष्णु 4 महीने के लिए क्षीरसागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं और भगवान विष्णु कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन जागते हैं। कार्तिक माह में देवउठनी एकादशी मनाई जाती है। अब आप सोच रहे होंगे कि चातुर्मास के दौरान सृष्टि का संचालन कौन करता है। चलिए आपको बताते हैं कि चातुर्मास की अवधि के दौरान सृष्टि का संचालन कौन करता है।

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    (Picture Credit: AI Generated) 

    चातुर्मास में सृष्टि का संचालन कौन करता है?

    पौराणिक कथा के अनुसार, जब जगत के पालनहार भगवान विष्णु 4 महीने के लिए क्षीरसागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं, तो चातुर्मास की अवधि के दौरान सृष्टि का संचालन देवों के देव महादेव यानी भगवान शिव संभालते हैं। आखिर यही वजह है कि चातुर्मास का पहला महीना यानी सावन भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित होता है। इस दौरान भगवान शिव सृष्टि का संचालन करते हैं। चातुर्मास में भगवान शिव के द्वारा सृष्टि के संचालन का वर्णन शिव पुराण की रुद्र संहिता और कोटिरुद्र संहिता में मिलता है।

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    देवशयनी एकादशी 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Devshayani Ekadashi 2026 Date and Shubh Muhurat)

    वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 24 जुलाई को सुबह 09 बजकर 12 मिनट पर हुई है।  वहीं, इस तिथि का समापन 25 जुलाई को 11 बजकर 34 मिनट पर होगा। ऐसे में आज देवशयनी एकादशी मनाई जा रही है। 

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    कब करें व्रत का पारण? (Devshayani Ekadashi 2026 Vrat Paran Time)

    एकादशी व्रत का पारण अगले दिन यानी द्वादशी तिथि पर किया जाता है। व्रत का पारण करने का समय 26 जुलाई को सुबह 05 बजकर 39 मिनट से लेकर सुबह 08 बजकर 22 मिनट तक है। इस दिन अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करें। ऐसा माना जाता है कि विशेष चीजों का दान करने से व्रत सफल होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन में कभी भी अन्न-धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।

    वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 24 जुलाई को सुबह 09 बजकर 12 मिनट पर हुई है।  वहीं, इस तिथि का समापन 25 जुलाई को 11 बजकर 34 मिनट पर होगा। ऐसे में आज देवशयनी एकादशी मनाई जा रही है।