25 जुलाई से क्यों नहीं बजेंगी शहनाइयां? ज्योतिषी से जानें चातुर्मास में मांगलिक कार्यों पर रोक की असल वजह
चातुर्मास में भगवान विष्णु के योग निद्रा में जाने और शुभ ग्रहों के अस्त होने के कारण मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं। यह अवधि 25 जुलाई 2026 से 20 नवंबर ...और पढ़ें

चातुर्मास में कौन से काम न करें? (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी से भगवान विष्णु 4 महीने के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस अवधि के दौरान सृष्टि का संचालन भगवान शिव करते हैं।
चातुर्मास के दौरान शुभ और मागंलिक काम नहीं किए जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर क्यों चातुर्मास में क्यों नहीं किए जाते शुभ और मांगलिक काम? अगर नहीं पता, तो ऐसे में आइए इस लेख में आपको एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा के अनुसार बताते हैं इसके पीछे की वजह के बारे में।
चातुर्मास में क्यों नहीं शुभ काम?
एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा बताते हैं कि चातुर्मास के चार महीनों में भगवान विष्णु योग निद्रा में रहते हैं, जिससे सृष्टि में मांगलिक ऊर्जा शांत हो जाती है। यह समय उत्सवों और भौतिक विवाहों का नहीं, बल्कि आत्म-मंथन, साधना, स्वास्थ्य की रक्षा और आध्यात्मिक ऊर्जा को संचित करने का होता है, इसलिए इस अवधि में शुभ कार्य वर्जित होते हैं।
इसके साथ ही ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जीवन में सभी प्रकार के सुख देने वाले शुभ ग्रह यानी शुक्र और बृहस्पति भी इस काल में अस्त रहेंगे। इसी कारणवश इन चार महीनों में विवाह जैसे मांगलिक कार्य शास्त्रों में वर्जित माने जाते हैं।
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कब से कब तक रहेगा चातुर्मास?
वैदिक पंचांग के अनुसार, चातुर्मास की शुरुआत आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी से होती है। वहीं, इसका समापन कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की देवउठनी एकादशी पर होता है। इस बार चातुर्मास 25 जुलाई 2026 से शुरू होगा और 20 नवंबर 2026 को समाप्त होगा।
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चातुर्मास में भूलकर भी न करें ये काम
चातुर्मास के समय जगत के पालनहार भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं। इसी वजह से शुभ कार्य करने पर रोक रहती है। नीचे बताए गए कामों को चातुर्मास में भूलकर भी न करें।
विवाह- चातुर्मास में भूलकर भी विवाह नहीं करना चाहिए, क्योंकि इस दौरान भगवान विष्णु योग निद्रा में रहते हैं।
सगाई- चातुर्मास के दौरान सगाई जैसे काम को भी नहीं करना चाहिए। चातुर्मास में सगाई करना शुभ नहीं माना जाता।
गृह प्रवेश- इसके अलावा चातुर्मास में गृह प्रवेश करने से बचना चाहिए।
मुंडन और जनेऊ- धार्मिक मान्यता के अनुसार, चातुर्मास में मुंडन और जनेऊ संस्कार भी नहीं करना चाहिए। इसके अलावा नए बिजनेस की भी शुरुआत न करें।
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