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    क्या पूजा करते समय आपकी आंखों से भी आते हैं आंसू? जानिए ये किस बात का है बड़ा संकेत

    Updated: Tue, 04 Aug 2026 03:25 PM (IST)

    पूजा के दौरान आंखों में आंसू आना अक्सर भगवान की प्रसन्नता और प्रार्थना की स्वीकृति का शुभ संकेत माना जाता है। यह दर्शाता है कि प्रभु भक्त की पुकार सुन ...और पढ़ें

    पूजा के समय आंखों में आंसू आने के संकेत (Picture Credit: AI Generated)

    पूजा के समय आंखों में आंसू आने के संकेत (Picture Credit: AI Generated) 

    HighLights

    1. पूजा में आंसू आना भगवान की प्रसन्नता का शुभ संकेत।

    2. यह प्रार्थना की स्वीकृति और शुभ फल प्राप्ति दर्शाता है।

    3. दीपक जलाते समय हाथ जलना अशुभ, गलती का संकेत।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। अक्सर देखा जाता है कि ध्यान, प्रार्थना या पूजा के दौरान लोगों की आंखों में से आंसू आते हैं। अगर इसे अध्यात्म के हिसाब से देखा जाए, तो इसे भगवान के प्रसन्न होने और उनकी कृपा प्राप्त होने का शुभ संकेत माना जाता है। ऐसा मानना है कि पूजा के दौरान आंखों में आंसू आने का अर्थ है कि भगवान भक्त की प्रार्थना सुन रहे हैं।

    यह एक बेहद शुभ संकेत माना जाता है। अब आपके मन सवाल आ रहा होगा कि आखिर पूजा करते समय आंखों में से आंसू आने से क्या भगवान के प्रसन्न होने के संकेत मिलते हैं। आइए इस लेख में आपको विस्तार से बताते हैं इसके बारे में।

    पूजा में आंखों में आंसू आने के संकेत

    धार्मिक के अनुसार, पूजा के दौरान अगर आंखों में से आंसू आते हैं, तो इसका अर्थ है कि आपके द्वारा की गई पूजा का शुभ फल जल्द ही प्राप्त होने वाला है और प्रभु आपकी पूजा से प्रसन्न हैं। इसलिए पूजा के दौरान आंखों में से आंसू आना बेहद शुभ माना जाता है। पूजा करते समय आंखों में से आंसू आने से संकेत मिलते हैं कि जीवन के सभी दुख दूर होने वाले हैं।

    Signs of tears welling up in the eyes (1)

    (Picture Credit: AI Generated) 

    प्रार्थना की स्वीकृति- धार्मिक मान्यता के अनुसार, जब आप ध्यान कर रहे होते हैं और प्रभु आपकी प्रार्थना को स्वीकार कर लेते हैं, तो वह ऊर्जा आंसुओं के रूप में बाहर आती है। इससे यह संकेत मिलते हैं कि प्रभु आपकी पूजा से प्रसन्न हैं।

    खबरें और भी

    ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि पूजा के समय आंखों में आंसू आने का अर्थ है कि व्यक्ति के मन के नकारात्मक विचार धूल रहे हैं और भक्ति के मार्ग पर आगे पहुंच रहे हैं।

    दीपक जलाते समय हाथ का जलना- अगर पूजा के दौरान आपका हाथ गलती से जल से गया है, तो इसे अशुभ माना जाता है। पूजा के समय हाथ जलने का अर्थ है कि आपके द्वारा अनुष्ठान में कोई गलती हुई है। ऐसी स्थिति में आप भगवान से पूजा के दौरान हुई गलती की क्षमा मांगे।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।