मां दुर्गा का वह अनोखा अवतार, जिनका हथियार हैं 'मधुमक्खियां': पढ़ें भ्रामरी देवी की कहानी
मां भ्रामरी देवी, दुर्गा मां का एक शक्तिशाली अवतार हैं, जिनका संबंध मधुमक्खियों से है और वे एकता व शक्ति का प्रतीक हैं। । ...और पढ़ें

देवी दुर्गा का अवतार मां भ्रामरी देवी (Picture Credits - AI Image)
HighLights
मां भ्रामरी देवी दुर्गा का शक्तिशाली मधुमक्खी अवतार।
अरुणासुर का वध कर एकता की शक्ति का प्रदर्शन किया।
दुर्गा सप्तशती में वर्णित, भारत में कई मंदिर मौजूद।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में जब भी शक्तिशाली देवियों की बात की जाती है, सबसे पहले दिमाग में मां दुर्गा, मां काली और मां के अन्य रौद्र स्वरूप का नाम आता है। लेकिन एक देवी ऐसी भी हैं, जिनका संबंध मुधमक्खियों से है। देवी दुर्गा के इस स्वरूप का नाम भ्रामरी देवी है, जिन्हें मां का ही एक दूसरा और बेहद शक्तिशाली अवतार माना जाता है।
भ्रामरी देवी के नाम से ही पता चलता है कि, इनका संबंध मधुमक्खियों से होगा। भ्रामरी देवी मधुमक्खियों के झुंड के साथ मिलकर विशाल शक्ति का निर्माण करती हैं, जो इस बात का प्रतीक है कि, एकता में ही ताकत होती है।
भक्तों का मानना है कि, इनकी पूजा करने से भक्तों को मानसिक शांति के साथ एकता का एहसास होता है। हिंदू धर्म में कई पवित्र ग्रंथों और पुराणों में मां भ्रामरी देवी का जिक्र देखने को मिलता है। दुर्गा सप्तशती जैसे प्रमुख ग्रंथों में कई जगह मां भ्रामरी देवी का वर्णन देखने को मिलता है।
भ्रामरी देवी से जुड़ी कथा
देवी भ्रामरी से जुड़ी कई कथाएं प्रचलित हैं, जो उनकी अद्वितीय शक्ति और कृपा का उल्लेख करती हैं। एक प्रसिद्ध कथा के अनुसार, जब अरुणासुर के आंतक से देवता परेशान हो गए थे, तब मां भ्रामरी ने अरुणासुर को पराजित करने के लिए मधुमक्खियों का एक झुंड भेजा, जिसके बाद अरुणासुर और उसके आंतक का अंत हुआ। यह कथा संदेश देती है कि, जीवन में कभी-कभी साधारण संसाधन भी बड़ी चुनौतियों को मात देने में सक्षम होते हैं।
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दुर्गा सप्तशती जैसे प्रमुख ग्रंथों में मां भ्रामरी की महिमा का वर्णन करते हुए एक श्लोक देखने को मिलता है, 'ऊं ह्यीं भ्रामरी महाक्रूरी स्वाहा।'
अर्थ- हम मां भ्रामरी की महिमा का गुणगान करते हैं और उनसे अपने सभी कष्टों और पापों से मुक्ति दिलाने के लिए प्रार्थना करते हैं।

मां भ्रामरी देवी (AI Image)
भारत में भ्रामरी देवी के मंदिर
- श्री भ्रामरी शक्तिपीठ त्रिस्रोता, पश्चिम बंगाल।
- श्री भ्रामरी देवी मंदिर, जलपाईगुड़ी पश्चिम बंगाल।
- श्री भ्रामरी माता मंदिर, महाराष्ट्र के नाशिक जिले में।
शाक्त परंपरा में दुर्गा सप्तशती अत्यंत पवित्र और विशाल ग्रंथों में से एक है। मार्कण्डेय पुराण और दुर्गा सप्तशती में मां भ्रामरी का वर्णन कई जगह देखने को मिलता है।
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