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    सपनों का अर्थ बताने से लेकर शत्रुओं के नाश तक: पढ़ें रहस्यमयी 'वाराही देवी' के 8 अद्भुत रूपों की अनसुनी कहानी

    Updated: Sat, 18 Jul 2026 11:30 AM (IST)

    मां वाराही देवी भगवान विष्णु के वराह अवतार की आदिशक्ति हैं, जिनकी पूजा आषाढ़ गुप्त नवरात्रि में होती है। ...और पढ़ें

    वाराही देव के 8 रूप जिनके बारे में जानना चाहिए।

    वाराही देव के 8 रूप जिनके बारे में जानना चाहिए।

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म कई ऐसे देवी-देवताओं का वर्णन देखने को मिलता है, जिनकी उत्पत्ति काफी रहस्यमयी है। उन्हीं में से एक देवी वाराही देवी भी हैं, जिनका उल्लेख देवी भागवत पुराण से लेकर मार्केण्डय और वराह पुराण में देखने को मिलता है। वाराही देवी उग्र स्वरूप हैं, जिन्हें भगवान विष्णु के वराह अवतार की आदिशक्ति माना जाता है।

    आषाढ़ गुप्त नवरात्रि को वाराही नवरात्रि के नाम से भी जाना जाता है, जो वाराही देवी की पूजा के लिए खासतौर पर समर्पित है। मां वाराही देवी को वैदिक और तंत्र की देवी भी कहा जाता है। उनकी पूजा और अनुष्ठान मुख्य रूप से तांत्रिक तरीके से की जाती है।

    मां वाराही को पृथ्वी की रक्षक देवी 

    मां वाराही को पृथ्वी की रक्षक देवी के रूप में भी पूजा जाता है, जो नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा प्रदान करती है। वह अपने भक्तों को प्रचुरता और समृद्धि का आशीर्वाद भी प्रदान करती हैं। इसके अलावा मां ललिता की शक्ति सेना की सेनापति भी हैं।

    दुर्गा सप्तशती में बताए अनुसार वाराही देवी सप्तमातृकाओं का हिस्सा हैं। वह शिव पुराण में वर्णित अष्टमातृकाओं का भी हिस्सा हैं। मां वाराही देवी के अलग-अलग रूपों का वर्णन दुर्गा सप्तशती, ब्रह्मांड पुराण, शिव पुराण, वाराही तंत्र, श्री विद्या तंत्र ग्रंथ, देवी भागवत पुराण, वराह पुराण, मत्सय पुराण और इसके अलावा कई अन्य धार्मिक ग्रंथों में किया गया है। आइए जानते हैं उनके रूपों के बारे में।

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    आदि वाराही

    मां वाराही का आदि वाराही रूप भगवान विष्णु के सूअर (वराह) अवतार की मूल ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करता है। वह वराह स्वामी का स्त्री रूप हैं, जो पृथ्वी की रक्षा करने के साथ बुरी शक्तियों से बचाती है और इच्छाओं को पूरा करती है। उन्होंने भी भगवान विष्णु के वराह अवतार की ही तरह अपने दांतों से पृथ्वी को पकड़ रखा है। जब पृथ्वी पानी में डूब गई, तो उन्होंने दुनिया को स्थिर करने के साथ विनाश से बचाने में भी मदद की थी।

    लघु वाराही या उन्मत्त भैरवी

    मां वाराही का दूसरा रूप लघु रूप जिन्हें उन्मत्त भैरवी के नाम से भी जाना जाता है, उन्मत्त भैरव की दिव्य पत्नी हैं। उन्मत्त भैरव भैरव के 8वें दिव्य रूप अष्ट भैरवों का हिस्सा है। मां आदि शक्ति की 8 देवी जिन्होंने राक्षस अंधकासुर को खत्म करने में भगवान शिव की मदद की थी। वह भक्तों के अंदर के भय, अहंकार और लालच पर नियंत्रण पाने में मदद करती है।

    स्वप्न वाराही

    मां वाराही का स्वप्न वाराही रूप भविष्य और अंतर्ज्ञान की देवी हैं। वे चंद्रमा पर विराजमान होकर अपने भक्तों के अचेतन मन को जाग्रत करने में मदद करती हैं। उनका संबंध निद्रा अवस्था से है। माना जाता है कि, अगर आप किसी भी तरह की परेशानी से जूझ रहे हैं, तो सोने से पहले स्वप्न वाराही के स्मरण करने से सही मार्ग दिखता है।

    अश्वारूढ़ा वाराही

    अश्व यानी घोड़ा, जो मन और गति का प्रतीक है। अश्वारूढ़ा वाराही घोड़ों पर सवार होकर आती है, जिसका मतलब है कि, उन्होंने मन की कंट्रोल न होने वाली गति पर सफलता हासिल कर ली है। मां वाराही का यह रूप लाल वस्त्र धारण करती हैं और इनके हाथों में पाश और अंकुश है। मां का यह रूप दर्शाता है कि, वे किसी भी भागती हुई वस्तु या व्यक्ति को पकड़ वापस ला सकती है।

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    वार्ताली वाराही

    वार्ता का मतलब है कि, संदेश या वाणी। वाराही देवी का वार्ताली रूप खुद योगमाया हैं और ललिता परमेश्वरी की मुख्य दूत भी हैं। वार्ताली देवी तोते के हरे रंग के वस्त्र धारण करती हैं और एक हल लिए रहती हैं। हिंदू धर्म में हल को कर्म का प्रतीक माना जाता है। मां वाराही का यह रूप सत्य की रक्षा करने के साथ झूठ का नाश करती है।

    दण्डनाथा वाराही

    दण्डनाथा वह शक्ति हैं, जो दण्ड देने का काम करती हैं। वे मां ललिता की सेना की मुख्य सेनापति हैं। उन्हें किरात वाराही के नाम से भी जाना जाता है, जो शिकारी का रूप धारण किए रहती है। मां का यह रूप काफी उग्र और तेज से भरा है। सोने के रथ पर सवार होकर जिसे सिंहों द्वारा खींचा जाता है। मां के हाथों में विशाल दण्ड होता है, जो अधर्म का नाश करने में काम आता है।

    धूम्र वाराही

    धूम्र का मतलब धुआं होता है। धू्म्र वाराही धूएं के वर्ण वाली देवी हैं, जो दुश्मनों की बुद्धि को भ्रमित कर देती हैं और नकारात्मक शक्तियों को बांध देती हैं। इन्हें निग्रह वाराही के नाम से भी जाना जाता है। अगर किसी व्यक्ति पर कोई तांत्रिक क्रिया कि हो, तो मां की पूजा करने से बुरी नजर से सुरक्षा मिलती है।

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    महा वाराही

    महा वाराही को सुरक्षा और सर्वसिद्धि की देवी कहा जाता है। जो व्यक्ति किसी एक खास कामना के लिए नहीं, बल्कि जीवन की समग्र सुरक्षा, उन्नति और सुख-समृद्धि के लिए उपासना करता हैं, उन्हें महा वाराही की पूजा करनी चाहिए।

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