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    सुहाग की रक्षा और पति की लंबी उम्र: ये हैं वो 5 बड़े व्रत जो हर महिला के लिए हैं खास

    Updated: Wed, 13 May 2026 06:14 PM (GMT+05:30)

    साल 2026 में वट सावित्री व्रत 16 मई को है। जानें उन 5 प्रमुख हिंदू व्रतों के बारे में जो सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए रखती हैं। ...और पढ़ें

    पति की लंबी आयु के लिए होते हैं ये 5 व्रत (AI-Generated Image)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय संस्कृति में रिश्तों को निभाने का अपना ही एक खूबसूरत अंदाज है। यहां त्योहार सिर्फ जश्न के लिए नहीं, बल्कि अपनों के प्रति प्यार और समर्पण जताने का एक जरिया भी हैं। खासकर जब बात पति की लंबी उम्र और वैवाहिक जीवन की खुशहाली की हो, तो सुहागिन महिलाएं बड़ी श्रद्धा के साथ व्रत रखती हैं।

    अगर आप साल 2026 की तैयारी कर रही हैं, तो कैलेंडर में 16 मई को मार्क कर लीजिए, क्योंकि इस दिन वट सावित्री व्रत (Vat Savitri Vrat) रखा जाएगा। अक्सर हम सिर्फ करवा चौथ (Karwachauth) के बारे में ही सुनते हैं, लेकिन हिंदू धर्म में ऐसे 5 प्रमुख व्रत हैं जिनका महत्व बहुत गहरा है।

    1. वट सावित्री व्रत

    यह व्रत ज्येष्ठ अमावस्या (2026 में 16 मई) को रखा जाता है। इसकी कहानी सावित्री और सत्यवान की है, जहां सावित्री ने अपने अटल विश्वास से यमराज तक को विवश कर दिया था। इस दिन महिलाएं बरगद (वट) के पेड़ की पूजा करती हैं, क्योंकि माना जाता है कि इसी पेड़ के नीचे सावित्री को उनका सुहाग वापस मिला था।

    2. करवा चौथ

    उत्तर भारत में इसका क्रेज सबसे ज्यादा होता है। कार्तिक मास में आने वाले इस व्रत में महिलाएं पूरा दिन निर्जला (बिना पानी के) रहती हैं। रात में छलनी से चांद देखने के बाद ही पति के हाथ से पानी पीकर व्रत खोला जाता है। यह व्रत अब केवल परंपरा नहीं, बल्कि कपल्स के बीच बॉन्डिंग का एक बड़ा जरिया बन चुका है।

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    3. हरतालिका तीज

    भाद्रपद मास में आने वाला यह व्रत सबसे कठिन माना जाता है। माता पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए जो कठोर तपस्या की थी, यह व्रत उसी की याद दिलाता है। शादीशुदा महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए और कुंवारी कन्याएं अच्छे वर के लिए इसे रखती हैं।

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    4. मंगला गौरी व्रत

    सावन का महीना वैसे ही खास होता है, और इसके हर मंगलवार को रखा जाने वाला मंगला गौरी व्रत वैवाहिक जीवन की खटास को दूर करने वाला माना जाता है। अगर रिश्तों में तनाव है या सेहत संबंधी परेशानियां हैं, तो मां पार्वती के इस स्वरूप की पूजा बहुत शांति देती है।

    5. कजरी तीज

    इसे 'बूढ़ी तीज' भी कहते हैं। इस दिन नीम के पेड़ की पूजा की जाती है और सत्तू का भोग लगाया जाता है। यह व्रत न केवल पति के लिए बल्कि पूरे परिवार की सुख-शांति के लिए बहुत लाभकारी माना गया है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।