Tulsi Katha: आखिर कैसे हुई तुलसी की उत्पत्ति? यहां पढ़ें इसके जन्म की अद्भुत गाथा
धार्मिक मान्यता के अनुसार, तुलसी पूजा (Tulsi Puja) करने से घर में धन की देवी मां लक्ष्मी का आगमन होता है और अन्न-धन के भंडार भरे रहते हैं, लेकिन क्या ...और पढ़ें

तुलसी पूजा का धार्मिक महत्व (Image Source: AI-Generated)
HighLights
इस पौधे में मां लक्ष्मी का वास होता है
इसकी पूजा करने से शुभ फल मिलता है
घर में सुख-शांति का वास होता है
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में तुलसी का पौधा पूजनीय है। इस पौधे को घर में लगाने से सुख-शांति का वास होता है और मां लक्ष्मी की कृपा से धन लाभ के योग बनते हैं। साथ ही रोजाना तुलसी पूजन करने से नकारत्मक ऊर्जा का नाश होता है और घर में खुशियों का आगमन होता है। पौराणिक कथा के अनुसार, तुलसी की उत्पत्ति (Tulsi Originate) की सबसे प्रचलित कथा देवी वृंदा से जुड़ी है। चलिए पढ़ते हैं तुलसी से जुड़ी कथा के बारे में।
इस तरह हुई तुलसी की उत्पत्ति
पौराणिक कथा के अनुसार, प्राचीन समय में वृंदा नाम की एक युवती थी, जो कि भगवान विष्णु जी की परम भक्त थी, वह राक्षस कुल की थी। उसकी शादी जलंधर नामक राक्षस से हुई। इसके वाद गृहिणी बनकर जीवन यापन करने लगी। वह रोजाना भगवान विष्णु की पूजा करती थी। इस दौरान दानवों और देवताओं के बीच युद्ध हुआ। युद्ध में जलंधर दानवों के साथ रहे। उस दौरान वृंदा ने कहा कि आप युद्ध में जा रहे हो और पूजा करने जा रही हूं। मैं भगवान विष्णु से आपकी सलामती के लिए प्रार्थना करूंगी।
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(Image Source: AI-Generated)
इसके बाद वृंदा भगवान विष्णु की तपस्या करने लगीं। युद्ध में देवता जलंधर को हरा न सके। इसके बाद जगत के पालनहार भगवान विष्णु ने जलंधर का रूप धारण किया और वृंदा के पास पहुंचे। वृंदा ने जलंधर को देख चरण स्पर्श किया। इससे वृंदा का सतीत्व धर्म टूट गया। उसी दौरान देवताओं ने जलंधर को युद्ध में परास्त कर उसका वध कर दिया। इसके बाद वृंदा को इस बात का पता चला गया कि उसके साथ छल हुआ है। उसको क्रोध आया और भगवान विष्णु को पत्थर बन जाने का श्राप दे दिया। इसके बाद विष्णु जी शालिग्राम पत्थर बन गए।
इससे तीनों लोकों में हाहाकार मच गया। तब धन की देवी लक्ष्मी की याचना पर वृंदा ने अपने श्राप को वापस लिया। प्रभु को श्राप से मुक्त कर खुद पति जलंधर के साथ सती हो गईं। तभी एक पौधे का सृजन हुआ, जिसे तुलसी के नाम से जाना गया। भगवान विष्णु ने वरदान दिया कि शालिग्राम सदैव आपके साथ रहेगा। मेरे साथ आपकी पूजा-पूजा-अर्चना जरूर की जाएगी।
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तुलसी पूजा का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार, तुलसी का पौधा भगवान विष्णु का प्रिय है। ऐसा माना जाता है कि जिस घर में तुलसी का पौधा होता है। वहां नकारात्मक शक्तियां वास नहीं करती हैं और वास्तु दोष दूर होता है। तुलसी पूजन करने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है और मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
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