Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन न होने पर भी सूनी नहीं रहेगी कलाई, इन 4 तरीकों से खास बनाएं अपना त्योहार खास
28 अगस्त को आने वाले रक्षाबंधन पर जानिए अगर आपके खुद के भाई नहीं हैं तो आप किन लोगों को राखी बांधकर यह पावन पर्व खुशी से मना सकते हैं।

भगवान श्रीकृष्ण को बनाएं अपना रक्षक (AI-Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन क त्योहार देशभर में धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दिन, बहनें अपने भाइयों की कलाई पर प्यार और भरोसे का धागा (राखी) बांधती हैं और भाई जीवन भर उनकी रक्षा करने का वचन देते हैं। लेकिन, हर साल यह सवाल भी उठता है कि जिनके अपने सगे भाई या बहन नहीं हैं, वे इस त्योहार को कैसे मनाएं? चलिए जानते हैं कि इस रक्षाबंधन आप किसे राखी बांध सकते हैं।
इस दिन जिसके खुद के भाई या बहन न हों वो अपने आपमें थोड़ा अकेलापन महसूस करते हैं। लेकिन, रक्षाबंधन सिर्फ एक ही खून के रिश्तों तक सीमित नहीं है।
अगर आपका कोई सगा भाई-बहन नहीं है, तो आप इन तरीकों से अपना त्योहार खुशी-खुशी मना सकते हैं:
भगवान श्रीकृष्ण को बनाएं अपना रक्षक
अगर आपका कोई भाई नहीं है, तो उदास बिल्कुल न हों। आप लड्डू गोपाल अपना भाई मानकर उन्हें राखी अर्पित कर सकते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, रक्षाबंधन की शुरुआत ही कान्हा जी से हुई थी। जब सुदर्शन चक्र से श्रीकृष्ण की उंगली कट गई थी, तब द्रौपदी ने तुरंत अपनी साड़ी का पल्लू फाड़कर उनकी उंगली पर बांध दिया था। उसी दिन से कान्हा ने द्रौपदी को अपनी बहन मान लिया और चीरहरण के समय उनकी रक्षा की थी।
लड़के माता लक्ष्मी से बंधवाएं रक्षासूत्र
जिन लड़कों की कोई सगी या अपनी बहन नहीं है, वे मां लक्ष्मी को अपनी बहन मान सकते हैं। पूजा के समय एक नई राखी माता के चरणों में अर्पित करें। विधिवत पूजा करने के बाद उसी राखी को माता के आशीर्वाद के रूप में अपनी कलाई पर बांध लें।
माता-पिता से बड़ा रक्षक कोई नहीं
अगर आप किसी भी वजह से अपने चचेरे या ममेरे भाई-बहनों (कजन्स) से दूर हैं, तो अपने माता-पिता के साथ यह त्योहार मनाएं। लड़कियां अपने पिता की कलाई पर राखी बांध सकती हैं और लड़के अपनी मां से राखी बंधवा सकते हैं। सच तो यह है कि दुनिया में माता-पिता से बड़ा कोई रक्षक और शुभचिंतक नहीं होता।
मुंहबोले रिश्तों की अहमियत
जीवन में कई बार हमारे आस-पड़ोस के लोग या कुछ खास लोग खून के रिश्तों से भी बढ़कर साथ निभाते हैं। आप अपने उन दोस्तों या पड़ोसियों को भी राखी बांध सकते हैं, जो आपको सेफ फील करवाते हैं या फिर आपकी मदद के लिए हमेशा खड़े रहते हैं।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।
