Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    घर पर पंडित जी की अनुपस्थिति में कैसे करें रुद्राभिषेक? पढ़ें सरल विधि

    Updated: Sun, 02 Aug 2026 07:30 PM (IST)

    सावन में घर पर बिना पंडित के रुद्राभिषेक करने की सरल विधि जानें। इससे भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। ...और पढ़ें

    सावन में घर पर बिना पंडित के रुद्राभिषेक कैसे करें सरल विधि (Picture Credit: AI Generated)

    सावन में घर पर बिना पंडित के रुद्राभिषेक कैसे करें सरल विधि (Picture Credit: AI Generated)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सावन के महीने में भगवान शिव के पूजन के साथ रुद्राभिषेक करने को भी एक प्रमुख अनुष्ठान माना जाता है।

    ऐसा कहा जाता है कि जो भक्त इस महीने में कभी भी रुद्राभिषेक करता है उसके जीवन की कई बाधाएं दूर हो सकती हैं। आमतौर पर लोग घर या मंदिर में इस पवित्र अनुष्ठान का आयोजन करते हैं। विवाहिक लोग इसे जोड़े में गठबंधन करके पूजा करते हैं और भगवान शिव का अविरल जलधारा से अभिषेक करते हैं।

    यूं कहा जाए कि सावन में भगवान शिव की आराधना में रुद्राभिषेक का विशेष महत्व है। विधि-विधान से रुद्राभिषेक करने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और भक्तों की समस्त मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

    वैसे तो रुद्राभिषेक किसी पंडित की उपस्थिति में किया जाता है, लेकिन यदि किसी वजह से आपको पंडित या पुरोहित न भी मिलें तब भी आप इसे एक आसान विधि से घर पर ही कर सकते हैं और शिव जी का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। आइए जानें इसकी आसान विधि क्या है।

    घर पर रुद्राभिषेक की तैयारी कैसे करें

    रुद्राभिषेक करने से पहले पूजा स्थान की साफ-सफाई कर लें। इसके बाद शिवलिंग को घर के किसी स्वच्छ स्थान जैसे ईशान कोण पर स्थापित करें। यदि घर में पहले से शिवलिंग है तो आप उसका अभिषेक कर सकते हैं।

    यदि शिवलिंग नहीं है तो आप रुद्राभिषेक के लिए एक मिट्टी का शिवलिंग तैयार कर सकते हैं। शिवलिंग पूजा के लिए जल, गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, शक्कर, बेलपत्र, फूल, अक्षत और चंदन जैसी सामग्री इकठ्ठा करें।

    रुद्राभिषेक शुरू करने से पहले भगवान शिव का ध्यान करें और मन को शांत रखें। शिव पूजा में सबसे महत्वपूर्ण भाव और श्रद्धा मानी जाती है। यदि आप पत्नी के साथ इस अनुष्ठान को कर रहे हैं तो सबसे पहले इसका साथ में संकल्प लें।

    खबरें और भी

    पंडित के बिना घर पर कैसे करें रुद्राभिषेक?

    रुद्राभिषेक के लिए कुछ प्रमुख मंत्रों का जाप करते हुए पूजन किया जाता है। अगर आपको रुद्राष्टाध्यायी के सभी मंत्रों का ज्ञान नहीं है, तो आप किसी सरल रुद्र मंत्र का उच्चारण करते हुए रुद्राभिषेक कर सकते हैं। आप 'ॐ नमः शिवाय' या 'महामृत्युंजय मंत्र' का जाप करते हुए रुद्राभिषेक कर सकते हैं।

    पंचाक्षरी मंत्र 'ॐ नमः शिवाय' को शिव जी का सबसे प्रिय मंत्र माना जाता है। यदि आप इस मंत्र का जाप करते हुए घर पर रुद्राभिषेक करते हैं तो आपको इस अनुष्ठान के पूर्ण फल मिलते हैं।

    इसके अलावा आप रुद्राभिषेक के समय महामृत्युंजय मंत्र का जाप भी कर सकते हैं-

    'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
    उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

    इन मंत्रों का श्रद्धापूर्वक जाप करते हुए शिवलिंग पर जल, दूध या पंचामृत से अभिषेक करें। ध्यान रखें कि रुद्राभिषेक के लिए श्रृंगी पात्र का इस्तेमाल करें। यदि आपके पास यह पात्र मौजूद नहीं है तब भी आप शिवलिंग पर तांबे के लोटे से जल अर्पित कर सकते हैं।

    आपको इस बात का ध्यान रखना है कि मंत्र का जाप कम से कम 108 बार करें और इस दौरान शिवलिंग पर जल चढ़ाते रहें। जल की धारा टूटनी नहीं चाहिए।

    इस प्रकार यदि आप रुद्राभिषेक करेंगे और इसके बाद शिव जी की आरती करेंगे तो आपको उसी प्रकार से शुभ फल मिलेगा जैसे पंडित की उपस्थिति में किए गए अनुष्ठान का फल होता है।

    रुद्राभिषेक के दौरान मन में किसी तरह का बुरा भाव नहीं आना चाहिए और आप लगातार शिव की का स्मरण करते हुए अभिषेक करें। अगर किसी कारणवश पंडित जी न मिलें तब भी आप घर पर इस आसान विधि से रुद्राभिषेक कर सकते हैं। इससे आपको पूजन का पूर्ण फल मिलेगा और भोलेनाथ का आशीर्वाद भी बना रहेगा।

    यह भी पढ़ें- सावन में घर पर रुद्राभिषेक करने से पहले जान लें ये जरूरी नियम, मिलेगा भोलेनाथ का आशीर्वाद

    यह भी पढ़ें- सावन में रुद्राभिषेक की सबसे शुभ तिथियां कौन सी हैं? यहां देखें पूरा कैलेंडर

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।