रक्षा बंधन पर भद्रा काल में क्यों नहीं बांधते राखी? जानिए क्या है इसके पीछे की बड़ी वजह
रक्षा बंधन पर भद्रा काल में राखी बांधना अशुभ माना जाता है, क्योंकि धार्मिक मान्यता के अनुसार यह विनाशकारी होता ...और पढ़ें

भद्रा काल में न बांधे राखी (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर साल रक्षा बंधन के पावन पर्व को बेहद उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह पर्व भाई और बहन के प्यार का प्रतीक है। इस दिन बहन अपने भाई का तिलक कर कलाई पर राखी बांधती हैं। भाई, बहन को उपहार देते हैं।
रक्षा बंधन पर राखी बांधते समय भद्रा काल का विशेष ध्यान रखना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भद्रा काल के दौरान राखी बांधने की मनाही है। सनातन धर्म में भद्रा काल के समय कोई भी शुभ या मांगलिक काम नहीं किया जाता है। अब आपके मन से सवाल आ रहा होगा कि आखिर भद्रा काल के समय क्यों नहीं बांधी जाती राखी। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको विस्तार से बताते हैं इसके पीछे की वजह के बारे में।
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(Picture Credit- AI Generated)
क्या है भद्रा काल में राखी न बांधने का मुख्य कारण
धार्मिक मान्यता के अनुसार, लंकापति रावण की बहन शूर्पणखा ने अपने भाई को भद्रा काल के दौरान राखी बांधी थी। इसके कुछ समय के बाद ही लंकापति रावण का सर्वनाश हो गया। यही कारण है कि भद्रा काल के अशुभ समय के दौरान रक्षा बंधन के दिन राखी नहीं बांधी जाती।
कौन है भद्रा?
पौराणिक कथा के अनुसार, भद्रा का स्वभाव बहुत तेज वाला माना जाता है। यह न्याय के देवता शनि देव की बहन हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भद्रा का जन्म राक्षसों के संहार के लिए हुआ था। भद्रा काल को शुभ और मांगलिक कामों के लिए अशुभ माना जाता है। इसलिए भद्रा के दौरान शुभ और मांगलिक कामों को करने से बचना चाहिए।
कब है रक्षा बंधन 2026
वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 27 अगस्त को सुबह 09 बजकर 08 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 28 अगस्त को सुबह 09 बजकर 48 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार 28 अगस्त को रक्षा बंधन का पर्व मनाया जाएगा।
क्या रक्षा बंधन पर रहेगा भद्रा का साया?
इस बार रक्षा बंधन पर भद्रा का साया नहीं रहेगा। यह एक बेहद शुभ संयोग बन रहा है। 28 अगस्त को राखी बांधने का सही समय सुबह 05 बजकर 57 मिनट से लेकर 09 बजकर 48 मिनट तक है। इस दौरान किसी भी समय राखी बांध सकते हैं।
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