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    हनुमान जी के जीवन से सीखें ये 4 खास बातें, दूर होंगी परेशानियां और हर काम में मिलेगी सफलता

    Updated: Fri, 31 Jul 2026 02:00 PM (IST)

    हनुमान जी के जीवन से चार महत्वपूर्ण सीखें अपनाकर व्यक्ति अपने संकटों को दूर कर सकता है और हर कार्य में सफलता प्राप्त कर सकता है। उनकी राम भक्ति, अहंका ...और पढ़ें

    हनुमान जी के 4 जीवन मंत्र (Picture Credit- AI Generated)

    हनुमान जी के 4 जीवन मंत्र (Picture Credit- AI Generated) 

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। धार्मिक मान्यता के अनुसार, रोजाना सच्चे मन से हनुमान जी की साधना करने से भक्त के जीवन में आने वाले सभी संकट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। सनातन शास्त्रों में भगवान श्रीराम का सबसे बड़ा भक्त हनुमान जी को बताया गया है। संकटमोचन हनुमान जी अपार शक्ति के प्रतीक हैं।

    हनुमान जी के जीवन से कई बातें सीखने मिलती हैं, जिनको जीवन में अपनाने से भक्त को सफलता मिलती है और कामों में आ रही बाधा दूर होती है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि हनुमान जी की शक्तियों और उनके जीवन से मिलने वाली सीख के बारे में।

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    (Picture Credit- AI Generated) 

    1. राम जी की भक्ति- हनुमान जी भगवान श्रीराम जी के परम भक्त थे। वे किसी भी काम को करने से पहले प्रभु श्रीराम का ध्यान करते थे, जिससे उनको काम में सलफता मिलती थी। यही वजह थी कि हनुमान जी किसी भी कठिन परिस्थिति में पीछे नहीं हटते थे। इससे यह सीख मिलती है कि भगवान का ध्यान करने से जीवन में कभी भी सफलता प्राप्त होती है।

    2. अपार शक्ति- हनुमान जी में अपार शक्ति थी, लेकिन फिर भी हनुमान जी में अहंकार नहीं था। वे जीवन में सदैव खुद को राम जी का दास कहते थे। हनुमान जी से यह सीख मिलती है कि व्यक्ति चाहे कितना भी धनवान हो, लेकिन उसमे अहंकार नहीं आना चाहिए। अहंकार वाले व्यक्ति को जीवन में सफलता प्राप्त नहीं होती है। इसलिए कहा जाता है कि जीवन में विनम्रता जरूर होनी चाहिए।

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    3. मधुर भाषा- हनुमान जी किसी भी बातचीत के दौरान मधुर भाषा का प्रयोग किया करते थे। पौराणिक कथा के अनुसार, जब हनुमान जी की मुलाकात भगवान श्रीराम से हुई थी, तो उन्होंने अपनी मधुर भाषा से सभी का मन मोह लिया था। हनुमान जी से यह सीख मिलती है कि किसी से बात करते हुए मधुर भाषा का प्रयोग करना चाहिए। इससे सामने वाला आपको सम्मान देगा।

    4. निस्वार्थ सेवा- जीवन में कभी किसी की सेवा के दौरान कोई मन में कोई स्वार्थ नहीं रखना चाहिए। हनुमान निस्वार्थ होकर प्रभु श्रीराम की सेवा करते थे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हनुमान जी ने बिना किसी लालच से अपना जीवन राम जी की सेवा में समर्पित कर दिया।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।