महाभारत का वो योद्धा, जो सिर्फ 3 बाणों से खत्म कर सकता था युद्ध; पढ़ें कृष्ण ने क्यों मांगा उसका शीश?
स्कंद पुराण के अनुसार, जानें बर्बरीक (खाटू श्याम) की वीरता और उनके 'तीन बाणों' का रहस्य। आखिर क्यों धर्म की रक्षा के लिए भगवान कृष्ण को मांगना पड़ा भी ...और पढ़ें

पढ़ें खाटू श्याम की पौराणिक कथा (Image Source: AI-Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। महाभारत के युद्ध में अर्जुन, कर्ण और भीष्म जैसे महारथियों की वीरता के किस्से तो हम सबने सुने हैं, लेकिन एक योद्धा ऐसा भी था जिसके पास युद्ध को पलक झपकते ही खत्म करने की शक्ति थी। वह थे बर्बरीक, जो गदाधारी भीम के पौत्र (पोते) और घटोत्कच के पुत्र थे।
बर्बरीक बचपन से ही एक महान योद्धा थे और कई महाशक्तियों का स्वामी थे। उन्होंने भगवान शिव (Lord Shiva) को प्रसन्न करके तीन अभेद्य बाण प्राप्त किए थे। यानी बर्बरीक को पूरा युद्ध खत्म करने के लिए किसी सेना की जरूरत नहीं थी, सिर्फ तीन बाण ही काफी थे।
'हारे का सहारा' बनने का वचन
बर्बरीक जब युद्ध के लिए निकलने लगे, तो उन्होंने अपनी माता को वचन दिया कि वे उसी पक्ष से लड़ेंगे जो हार रहा होगा। जाहिर सी बात है कि जिस पक्ष के साथ स्वयं भगवान श्री कृष्ण हों, वहां पांडवों की जीत तो निश्चित ही थी। ऐसे में कौरवों की विशाल सेना होने के बावजूद उनका कमजोर पड़ना तय था।

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चूंकि, बर्बरीक का नियम था 'हारने वाले का साथ देना', इसलिए वे न चाहते हुए भी अधर्म (कौरवों) की ओर से लड़ने को मजबूर हो जाते। श्री कृष्ण नहीं चाहते थे कि धर्म की स्थापना के युद्ध में बर्बरीक जैसा महान योद्धा गलत पक्ष के लिए लड़े।
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इसीलिए, श्री कृष्ण ने बर्बरीक की परीक्षा ली और उनसे दान में उनका शीश मांग लिया। बर्बरीक ने भी अपनी भक्ति और धर्म का परिचय देते हुए बिना किसी झिझक के, मुस्कुराते हुए अपना सिर काटकर प्रभु के चरणों में अर्पित कर दिया।
बर्बरीक के महान बलिदान की कथा
बर्बरीक के इस महान बलिदान को देखकर श्री कृष्ण अत्यंत प्रसन्न हुए। उन्होंने वरदान दिया कि कलयुग में बर्बरीक को स्वयं श्री कृष्ण के दूसरे नाम यानी 'श्याम' से पूजा जाएगा। भगवान ने उन्हें अपना नाम देते हुए कहा कि जो कोई भी जीवन से निराश होगा, बर्बरीक उसके लिए 'हारे का सहारा' बनेंगे। यही कारण है कि आज दुनिया उन्हें खाटू श्याम (Khatu Shyam) के रूप में बड़ी श्रद्धा से पूजती है। इस कथा का विस्तृत वर्णन स्कंद पुराण (कौमारिका खंड) में मिलता है।
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