Mahashivratri 2026 Remedies: महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर चढ़ाएं ये सामग्री, खुलेंगे किस्मत के द्वार
महाशिवरात्रि (Mahashivratri 2026) महादेव और माता शक्ति के मिलन का प्रतीक है, जो इस साल कई शुभ योगों में मनाई जाएगी। इस दिन सुख और शांति की कामना के लि ...और पढ़ें

Mahashivratri 2026 Remedies: महाशिवरात्रि पर करें ये काम। (AI Generated Image)
HighLights
महाशिवरात्रि का दिन बेहद शुभ माना जाता है
यह भगवान शिव को समर्पित है
इस दिन पूजा-पाठ और व्रत का विधान है
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। महाशिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि महादेव और माता शक्ति के मिलन का प्रतीक है। इस साल महाशिवरात्रि का पर्व बेहद शुभ योगों में आ रहा है, जिससे इसका महत्व और भी बढ़ गया है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन शिवलिंग का अभिषेक करने से न केवल पापों का नाश होता है, बल्कि व्यक्ति की रुकी हुई तरक्की के रास्ते भी खुल जाते हैं।
अगर आप भी धन, सुख और शांति की कामना करते हैं, तो इस महाशिवरात्रि (Mahashivratri 2026) पर अपनी मनोकामना के अनुसार, शिवलिंग पर ये विशेष सामग्री जरूर चढ़ाएं, जो इस प्रकार हैं -
शिवलिंग पर चढ़ाएं ये चीजें (Mahashivratri 2026 Upay)

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गन्ने का रस
अगर आप कर्ज से परेशान हैं, तो महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर गन्ने का रस चढ़ाएं। शिव पुराण के अनुसार, गन्ने का रस चढ़ाने से घर में माता लक्ष्मी का वास होता है और सुख-समृद्धि आती हैं।
कच्चा दूध और शहद
तनाव और बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए इस दिन शिवलिंग पर कच्चा दूध चढ़ाएं। दूध चढ़ाने से चंद्रमा मजबूत होता है और मानसिक शांति मिलती है। वहीं, इस दिन शहद चढ़ाने से पुरानी बीमारियां दूर होती हैं और वाणी में मधुरता आती है।
शमी पत्र और बिल्व पत्र
महादेव को बिल्व पत्र बहुत प्रिय है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि शमी पत्र चढ़ाने से भी शिव जी की विशेष कृपा मिलती है। साथ ही इससे शनि दोष दूर होता है और सोई हुई किस्मत जाग उठती है। वहीं, बिल्व पत्र हमेशा उल्टा करके चढ़ाएं और उस पर चंदन से 'ॐ' लिखें।
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केसर और इत्र
अगर विवाह में देरी हो रही है या वैवाहिक जीवन में मुश्किलें आ रही हैं, तो जल में केसर मिलाकर महादेव का अभिषेक करें। साथ ही इत्र चढ़ाएं। इससे रिश्तों में मधुरता आती और घर में खुशहाली आती है।
महाशिवरात्रि पूजा विधि (Mahashivratri 2026 Puja Vidhi)
- सुबह जल्दी उठकर शिव मंदिर जाएं।
- सबसे पहले जल, फिर दूध, दही, घी, शहद और अंत में फिर से शुद्ध जल से अभिषेक करें।
- महादेव को भस्म का तिलक लगाएं।
- महादेव को बिना टूटे हुए अक्षत चढ़ाएं, इससे अखंड लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।
करें ये काम
पूजा के दौरान "ॐ नमः शिवाय" का मन ही मन जप करते रहें। महाशिवरात्रि की रात को 'जागरण' का विशेष महत्व है, इसलिए रात के समय शिव चालीसा, शिव स्तुति व शिव पुराण का पाठ करें।
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