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    अधूरा रह सकता है आपका मंगलवार व्रत, पूजा से जुड़े इन नियमों का जरूर करें पालन

    Updated: Tue, 07 Apr 2026 09:25 AM (IST)

    मंगलवार व्रत संकटों से मुक्ति दिलाता है और मंगल दोष को शांत करता है। चलिए जानते हैं कि मंगलवार व्रत में आपको किन नियमों का ध्यान रखना चाहिए। ...और पढ़ें

    मंगलवार व्रत के नियम (Picture Credit- AI Generated)

    मंगलवार व्रत के नियम (Picture Credit- AI Generated)

    HighLights

    1. हनुमान जी को समर्पित है मंगलवार का दिन

    2. इन दिन व्रत करने से मिलती है बजरंगबली की कृपा

    3. पूर्ण फल प्राप्त करने के लिए इन गलतियों से बचें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। मंगलवार व्रत की विधि सरल है, जो सुबह से शुरू होकर शाम तक चलती है। मंगलवार का व्रत न केवल संकटों से मुक्ति दिलाता है, बल्कि इससे कुंडली में मंगल दोष भी शांत किया जा सकता है। इसके साथ ही साधक के साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। यदि आप मंगलवार व्रत का पूर्ण फल प्राप्त करना चाहते हैं, तो शास्त्रों में वर्णित इस विधि और नियमों का पालन जरूर करें।

    मंगलवार व्रत की विधि -

    • सूर्योदय से पूर्व यानी ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि से निवृत्त हो जाएं।
    • इस दिन लाल रंग के वस्त्र पहनें, क्योंकि यह रंग हनुमान जी और मंगल ग्रह को प्रिय माना गया है।
    • पूजा स्थल पर गंगाजल छिड़ककर उसे पवित्र करें। इसके बाद भगवान गणेश और हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
    • गाय के शुद्ध घी का दीपक जलाएं और हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल, पान के 11 या 21 पत्तों की माला और लाल फूल अर्पित करें।
    • भोग के रूप में हनुमान जी को बेसन के लड्डू या बूंदी अर्पित करनी चाहिए। साथ ही आप मौसमी फल भी चढ़ा सकते हैं।
    • सबसे पहले श्री गणेश की वंदना करें, फिर हनुमान जी की आराधना करें।
    • अंत में मंगलवार व्रत की कथा का पाठ करें।
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    (Picture Credit- AI Generated)

    करना न भूलें ये काम

    • हनुमान जी भगवान राम के परम भक्त हैं। ऐसे में बिना राम नाम के हनुमान जी की पूजा अधूरी मानी जाती है। हनुमान जी को शीघ्र प्रसन्न करने के लिए पूजा के दौरान 'राम' नाम का जप जरूर करें। इसके साथ ही आप सुंदरकांड का पाठ भी कर सकते हैं।
    • इस दिन भूखों को अन्न और जरूरतमंदों को वस्त्र का दान करने से साधक के पुण्य फलों में वृद्धि होती है।
    • पूर्ण फल की प्राप्ति के लिए लगातार 21 मंगलवार तक इस विधि का पालन करते हुए वर्त करना चाहिए और अंतिम मंगलवार को विधि-विधान से उद्यापन करना चाहिए।ॉ
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    (Picture Credit- AI Generated)

    इन नियमों और सावधानियों का रखें ध्यान

    • व्रत के दौरान साधारण नमक का सेवन वर्जित है। इसके अलावा प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा का विचार भी मन में न लाएं।
    • इस दिन शारीरिक व मानसिक पवित्रता बनाए रखें और ब्रह्मचर्य का पालन करें।
    • यदि पूरे दिन निराहार रहना आपके लिए संभव न हो, तो आप शाम की पूजा के बाद गेहूं और गुड़ से बना भोजन कर सकते हैं। बस उसमें नमक का प्रयोग नहीं होना चाहिए।
    • किसी से वाद-विवाद, अपशब्द बोलना या क्रोध करने जैसे कार्यों से बचना चाहिए, वरना आपको व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता।
    • मंगलवार के दिन बाल और नाखून काटने से बचें।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

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