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    Mauni Amavasya 2026: हजारों मंत्रों से भी ज्यादा फलदायी है एक दिन का मौन, जानें चुप रहकर कैसे पाएं महादेव का आशीर्वाद?

    Updated: Fri, 16 Jan 2026 10:58 AM (IST)

    मौनी अमावस्या पर मौन रहने का वैज्ञानिक और आध्यात्मिक रहस्य क्या है? जानें साल 2026 में इस दिन कैसे करें स्नान-दान और पूजा ताकि भगवान विष्णु और शिव का ...और पढ़ें

    मौनी अमावस्या पर कैसे पाएं देवताओं का आशीर्वाद (Image Source: AI-Generated)

    मौनी अमावस्या पर कैसे पाएं देवताओं का आशीर्वाद (Image Source: AI-Generated)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya 2026) का दिन आत्म-मंथन और आध्यात्मिक शांति के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। साल 2026 में यह तिथि और भी महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि इस दिन ग्रहों का विशेष संयोग बन रहा है। आइए जानते हैं कि इस दिन चुप रहना क्यों हजारों मंत्रों के जाप से भी अधिक फलदायी माना जाता है।

    मौन का आध्यात्मिक विज्ञान

    मत्स्य पुराण के अनुसार, 'मौन' केवल चुप रहना नहीं है, बल्कि अपनी ऊर्जा को भीतर की ओर मोड़ना है। मौनी अमावस्या के दिन चंद्रमा का प्रभाव क्षीण होता है, जिससे मन विचलित रह सकता है। मौन धारण करने से मन की चंचलता नियंत्रित होती है और मनुष्य अपनी अंतरात्मा के करीब आता है। माना जाता है कि "मुख से बोलने वाले हजारों शब्दों से अधिक शक्तिशाली वह एक प्रार्थना होती है, जो मन के सन्नाटे में की जाए।"

    कैसे पाएं महादेव और विष्णु का आशीर्वाद?

    इस दिन भगवान विष्णु और महादेव दोनों की आराधना का विधान है:

    Maun 2026

    (Image Source: AI-Generated)

    हरि-हर का संगम: सुबह पवित्र नदी (जैसे गंगा या यमुना) में मौन रहकर स्नान करें। यदि घर पर स्नान कर रहे हैं, तो पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान करें।

    मानसिक जाप: दिन भर बिना बोले मन ही मन 'ॐ नमः शिवाय' या 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का स्मरण करें।

    तर्पण और दान: मौनी अमावस्या पितरों की तृप्ति का भी दिन है। स्नान के बाद तिल, गुड़ और अन्न का दान मौन रहकर करने से अनंत पुण्य की प्राप्ति होती है।

    मौन व्रत रखने के फायदे

    श्रीमद्भागवत पुराण में मौन धारण करने और उसके फायदे का विस्तृत वर्णन है।

    वाणी शुद्धि: व्यर्थ की बातों और क्रोध से बचाव होता है।

    संकल्प शक्ति: मौन रहने से इच्छाशक्ति (Will Power) मजबूत होती है।

    ग्रह शांति: अमावस्या के दिन मौन रहने से चंद्रमा जनित दोष दूर होते हैं और मानसिक तनाव कम होता है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।