Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    कब खोलें मोहिनी एकादशी का व्रत? पारण के समय भूलकर भी न करें ये गलतियां

    Updated: Mon, 27 Apr 2026 06:07 PM (IST)

    मोहिनी एकादशी व्रत का पारण करते समय किन गलतियों से बचना चाहिए यहां जानते हैं। ...और पढ़ें

    Mohini Ekadashi 2026 Vrat Parana Time: मोहिनी एकादशी पारण का समय। (Ai Generated Image)

    Mohini Ekadashi 2026 Vrat Parana Time: मोहिनी एकादशी पारण का समय। (Ai Generated Image)

    HighLights

    1. पारण प्रसाद खाकर ही करें

    2. हरिवासर के दौरान पारण न करें

    3. पारण में तामसिक चीजों का सेवन न करें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में मोहिनी एकादशी का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण कर समुद्र मंथन से निकले अमृत कलश की रक्षा की थी। मोहिनी एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और मानसिक शांति मिलती है, लेकिन एकादशी का व्रत तभी पूरा माना जाता है, जब इसका पारण विधिपूर्वक और सही समय पर किया जाए। गलत समय पर व्रत खोलने से व्रत का फल नष्ट हो सकता है। ऐसे में आइए इस व्रत से जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं।

    22_07_2021-bhagwan_vishnu_aur_laxmi_puja_21853857 (2)

    • व्रत खोलने की तिथि: 28 अप्रैल 2026, दिन मंगलवार।
    • पारण का शुभ मुहूर्त: सुबह 05 बजकर 43 मिनट से सुबह 08 बजकर 21 मिनट तक।
    • द्वादशी तिथि का अंत: 28 अप्रैल को शाम 06 बजकर 51 मिनट पर।

    न करें यह 1 गलती - व्रत का पारण हमेशा 'हरिवासर' की अवधि समाप्त होने के बाद ही करना चाहिए। द्वादशी तिथि की पहली एक-चौथाई अवधि को हरिवासर कहा जाता है, जिसमें व्रत खोलना वर्जित है।

    पारण के समय भूलकर भी न करें ये गलतियां

    • हरिवासर में पारण - अगर आप हरिवासर के दौरान व्रत खोलते हैं, तो यह अशुभ माना जाता है। हमेशा मुहूर्त पर ही पारण करें।
    • तामसिक भोजन का सेवन - व्रत खोलने के बाद भी उस दिन लहसुन, प्याज, मांस या मदिरा जैसी तामसिक चीजों का सेवन बिल्कुल न करें। भोजन सात्विक होना चाहिए।
    • चावल का त्याग - हालांकि एकादशी के दिन चावल खाने की मनाही है, लेकिन कुछ लोग द्वादशी के दिन भी चावल नहीं खाते। शास्त्रों के अनुसार, द्वादशी को चावल खाना शुभ माना जाता है, क्योंकि इसे 'पूर्णता' का प्रतीक माना गया है।
    • बिना दान के पारण - एकादशी का व्रत तब तक पूर्ण नहीं होता जब तक आप किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को दान-दक्षिणा न दें। व्रत खोलने से पहले क्षमता अनुसार दान जरूर करें।

    व्रत खोलने की सही विधि

    • द्वादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और भगवान विष्णु की पूजा करें।
    • भगवान को भोग लगाएं और तुलसी दल अर्पित करें।
    • सबसे पहले जल ग्रहण करें या तुलसी का पत्ता खाकर व्रत खोलें।
    • इसके बाद सात्विक भोजन ग्रहण करें। पारण के समय भारी भोजन से बचें।

    अस्वीकरण: ''इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है''।