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भगवान शिव को क्यों चढ़ाया जाता है सफेद चंदन? इसके पीछे का पौराणिक और धार्मिक कारण आप नहीं जानते होंगे

Published: Fri, 07 Aug 2026 04:31 PM (IST)

जानिए भगवान शिव को सफेद चंदन चढ़ाने का क्या महत्व है। पढ़ें इसका आध्यात्मिक अर्थ और शिव पूजा से जुड़े नियमों के बारे में विस्तार से पढ़ें।

शिव जी को चंदन चढ़ाने का कारण जानते हैं आप? (AI-Generated Image)

शिव जी को चंदन चढ़ाने का कारण जानते हैं आप? (AI-Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन परंपरा में भगवान शिव को 'कर्पूरगौरं' यानी कपूर की तरह उज्ज्वल और गौर वर्ण वाला माना गया है। सफेद रंग पवित्रता, निर्मलता, वैराग्य और शांति का प्रतीक है। महादेव महायोगी हैं, जो सांसारिक मोह-माया से परे शांत भाव में लीन रहते हैं। यही वजह है कि शिव पूजा में सफेद फूल, सफेद वस्त्र और सफेद चंदन का खास महत्व है।

समुद्र मंथन और शीतलता का महत्व

शिव जी को सफेद चंदन चढ़ाने के पीछे समुद्र मंथन की एक प्रसिद्ध पौराणिक कथा जुड़ी है। कथा के अनुसार, जब देवताओं और असुरों ने मिलकर समुद्र मंथन किया, तो उसमें से अत्यंत भयंकर 'हलाहल' विष निकला। उस विष की तपन से पूरी सृष्टि जलने लगी। ब्रह्मांड की रक्षा के लिए भगवान शिव ने उस विष को स्वयं पी लिया और अपने कंठ में धारण कर लिया। विष के प्रभाव से महादेव के शरीर में असह्य जलन होने लगी।

इसी जलन को शांत और ठंडा करने के लिए देवताओं ने उन पर शीतल जल, बेलपत्र और ठंडक देने वाला सफेद चंदन लगाया। सफेद चंदन की तासीर काफी ठंडी होती है, जिससे शिव जी को तुरंत राहत मिली। तभी से नीलकंठ कहे जाने वाले महादेव को शीतलता प्रदान करने के लिए सफेद चंदन अर्पित करने की परंपरा चली आ रही है। आज भी शिव की हर पूजा में उन्हें सफेद चंदन चढ़ाया जाता है।

सफेद चंदन का आध्यात्मिक अर्थ

आध्यात्मिक नजरिए से सफेद चंदन मन की चंचलता को दूर करता है। जब भक्त शिवलिंग पर चंदन लगाता है, तो इससे उसके भीतर का गुस्सा, अहंकार और मानसिक तनाव शांत होता है। यह हमें संदेश देता है कि आपके जीवन में परिस्थितियां कैसी भी हों कितनी भी अच्छी और कितनी भी बुरी हो, मन को हमेशा शीतल और संतुलित रखना चाहिए।

सफेद की जगह क्या लाल या पीला चंदन चढ़ाया जा सकता है?

शास्त्रीय नियमों के अनुसार, लाल चंदन माता पार्वती (शक्ति) को बेहद प्रिय है, इसलिए इसे अकेले शिवलिंग पर नहीं चढ़ाया जा सकता। वहीं, बात करें पीले चंदन की तो पीला चंदन भगवान विष्णु को अर्पित किया जाता है। हालांकि, इसे शिव जी को भी लगाया जा सकता है। लेकिन, विष की तपन मिटाने के कारण सफेद चंदन को ही सबसे श्रेष्ठ और फलदायी माना जाता है। इसलिए, अगली बार जब आप शिव की उपासना करें तो अपनी पूजा सामग्री में सफेद चंदन को शामिल करना न भूलें।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।