क्या सच में कुछ लोगों की नजर आपकी ऊर्जा को प्रभावित करती है? जानिए शास्त्रों में क्या कहा गया है
क्या नजर लगना केवल अंधविश्वास है या इसका संबंध नकारात्मक ऊर्जा से भी माना जाता है? जानिए अथर्ववेद, लोक मान्यताओं और धार्मिक दृष्टिकोण से जुड़ी खास बात ...और पढ़ें

क्या आप भी नजर लगना में भरोसा करते हैं? (AI-Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। आमतौर पर नजर लगना एक बेहद पुरानी मान्यता है। आज भी कई घरों में नजर उतारने की परंपरा निभाई जाती है। लोग इसे बेहद आम मानते हैं लेकिन इसके टोटके भी पूरी तरह से फॉलो करते हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या सच में किसी की नजर हमारी ऊर्जा को प्रभावित कर सकती है? इस बारे में कम लोग ही जानते होंगे। लेकिन, नजर दोष के बारे में हमारे वेदों में भी बाकायदा वर्णित है।
अथर्ववेद संहिता (Atharva Veda) में नकारात्मक शक्तियों, भय और अशुभ प्रभावों से रक्षा के लिए कई मंत्रों का वर्णन किया गया है। यही कारण है कि बाद में लोक मान्यताओं में इन बातों को “नजर दोष” (Nazar Dosh) से जोड़कर देखा जाने लगा।
क्या हैं नजर दोष के संकेत
नजर दोष का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि जब किसी भी व्यक्ति की अचानक तबीयत खराब हो जाए, छोटे बच्चे बिना कारण रोने लगें या फिर किसी का अच्छा काम अचानक बिगड़ जाए, तो लोग इसे बुरी नजर से जोड़कर देखने लगते हैं। धार्मिक और आध्यात्मिक मान्यताओं के अनुसार, हर इंसान की एक अलग ऊर्जा होती है और वह आस-पास एक ऊर्जा लेकर चलता है।
अथर्ववेद 4.10.1
“ये त्वा कृत्याम अभिचरन्ति अभिचारका यत कृत्याम, तान अहम् प्रति त्वामि तेषां शीर्षाणि भिनद्मि।”
अर्थ: जो लोग तुम्हारे विरुद्ध काले जादू या हानिकारक मंत्रों का प्रयोग करते हैं, मैं उन्हें निष्क्रिय करता हूं और उनकी शक्ति उन्हीं पर लौटा देता हूं।
अथर्ववेद 4.10.3
“यं गाहुर मन्युः कृत्यां हविर्भिर अग्निं यथेवयन, तेषां कृत्ये नाशयामि येन त्वा यातुधानाः अयुञ्जन्।”
अर्थ: जैसे अग्नि (आग) सब कुछ भस्म कर देती है, वैसे ही यह दिव्य शक्ति अभिशाप और नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट कर देती है।
क्या आपके मन पर पड़ता है नकारात्मक ऊर्जा का असर?
जब कोई इंसान ईर्ष्या, क्रोध या नकारात्मक सोच (Negative Thoughts) के साथ किसी को देखता है, तो उसका असल सामने वाले के मन और वातावरण पर पूरी तरह से पड़ सकता है। हालांकि, इसे विज्ञान की तरह प्रमाणित नहीं माना जाता, लेकिन भारतीय परंपराओं में इस विश्वास का जिक्र लंबे समय से मिलता रहा है।
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क्या हैं नजर दोष के उपाय?
पारंपरिक समाज में आज भी लोग बच्चों को काला टीका लगाते हैं या घर के बाहर नींबू-मिर्च टांगते हैं। मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है। हालांकि, कई विद्वान इसे केवल मानसिक संतुलन और विश्वास से जुड़ा मानते हैं। उनका कहना है कि जब इंसान खुद को सुरक्षित महसूस करता है, तो उसका आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
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