अगर जीवन में रुक गई है तरक्की, तो पद्मा एकादशी पर शंख से जुड़े ये गुप्त उपाय जरूर करें
क्या आपके जीवन में भी रुक गई है तरक्की? आइए पद्मा एकादशी पर दक्षिणावर्ती शंख से जुड़े गुप्त उपाय जानते हैं। ...और पढ़ें

Padma Ekadashi 2026: तरक्की के लिए एकादशी पर शंख से करें यह गुप्त काम!

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में एकादशी व्रत का स्थान सबसे ऊपर माना गया है। इनमें से भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पद्मा एकादशी के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन क्षीर सागर में शयन कर रहे भगवान विष्णु करवट बदलते हैं, इसलिए इसका आध्यात्मिक महत्व कहीं अधिक बढ़ जाता है।
अगर आपके जीवन में लगातार प्रयास करने के बाद भी तरक्की रुक गई है, तो शास्त्रों में इस दिन शंख से जुड़े कुछ गुप्त बताए गए हैं, आइए उन चमत्कारी और गुप्त उपाय के बारे में जानते हैं, जो इस प्रकार हैं -
शंख का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में शंख को बहुत पवित्र और पूजनीय माना गया है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान जो 14 रत्न निकले थे, उनमें से एक दक्षिणावर्ती शंख भी था। शंख को साक्षात माता लक्ष्मी का भाई माना जाता है और जहां शंख होता है, वहां विष्णु जी के साथ लक्ष्मी जी वास करती हैं। पद्मा एकादशी के दिन शंख की पूजा करने से कुंडली के कई दोष शांत होते हैं और सोई हुई किस्मत जाग उठती है।

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शंख के गुप्त उपाय
- शंख का अभिषेक - एक साफ तांबे या चांदी के पात्र में दक्षिणावर्ती शंख रखें। अब इस शंख में शुद्ध गंगाजल और कच्चा दूध मिलाकर भगवान विष्णु के स्वरूप का ध्यान करते हुए अभिषेक करें।
- केसर का तिलक - अभिषेक के बाद शंख को साफ कपड़े से पोंछकर उस पर केसर से 'श्रीं' या स्वास्तिक का चिह्न बनाएं।
- मंत्र का जाप - शंख के सम्मुख घी का दीपक जलाएं और भगवान विष्णु के महामंत्र "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय", साथ ही लक्ष्मी जी के किसी भी वैदिक मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।
- तिजोरी में स्थापना - पूजा पूरी होने के बाद उस अभिमंत्रित शंख को एक लाल कपड़े में लपेटकर अपने घर की तिजोरी या कार्यक्षेत्र के लॉकर में रख दें। शंख में भरा हुआ गंगाजल पूरे घर में छिड़क दें। इससे कार्यक्षेत्र में आ रही मुश्किलें दूर होंगी। इसके साथ ही घर में सुख-शांति बनी रहेगी।
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