क्या आप भी कर रहे हैं प्रदोष व्रत की पूजा में ये गलतियां? नहीं मिलेगा पूरा फल
भगवान शिव को प्रसन्न करने और उनकी कृपा पाने के लिए 'प्रदोष व्रत' उत्तम माना जाता है, लेकिन इस दिन कुछ नियमों का पालन करना भी जरूरी है। ...और पढ़ें

प्रदोष व्रत में इन गलतियों से बचें (Picture Credit: Freepik)
HighLights
28 अप्रैल को किया जाएगा वैशाख माह का दूसरा प्रदोष व्रत
इस दिन प्रदोष काल में की जाती है शिव जी की पूजा
व्रत के दौरान मन और शरीर की पवित्रता का ध्यान रखें
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैशाख माह का दूसरा प्रदोष व्रत मंगलवार, 28 अप्रैल को किया जाएगा। जब प्रदोष व्रत, मंगलवार के दिन पड़ता है, तो इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है। प्रदोष व्रत के दिन कुछ विशेष नियमों का ध्यान रखना जरूरी है। कई बार अनजाने में की गई कुछ गलतियों के कारण इस व्रत और पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं हो पाता। आइए जानते हैं प्रदोष व्रत के जरूरी नियम और सावधानियां।
भौम प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त
वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 28 अप्रैल को शाम 6 बजकर 51 मिनट पर शुरू होगी। वहीं यह तिथि का समापन 29 अप्रैल को शाम 7 बजकर 51 मिनट पर होगा। प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की पूजा प्रदोष काल में की जाती है, ऐसे में पूजा का मुहूर्त कुछ इस प्रकार रहने वाला है -
भौम प्रदोष व्रत पूजा मुहूर्त - शाम 6 बजकर 54 मिनट से रात 9 बजकर 4 मिनट तक

इन बातों का रखें खास ख्याल
प्रदोष व्रत में शाम के समय (सूर्यास्त के आस-पास के समय यानी प्रदोष काल) शिव जी की पूजा करना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है, इसलिए सुबह की पूजा के बाद शाम की पूजा को भूलकर भी न छोड़ें। इसके साथ ही भगवान भोलेनाथ की पूजा के दौरान केवल शरीर ही नहीं, बल्कि मन की पवित्रता का भी ध्यान रखना जरूरी है।
ये गलतियां पड़ेंगी भारी
- अगर आप इस दिन पर झूठ, क्रोध, वाद-विवाद या फिर किसी का अपमान करते हैं, तो इससे आपको पूजा का पूरा फल नहीं मिलता।
- व्रत के दिन घर में भी तामसिक भोजन जैसे- प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा का सेवन बिल्कुल नहीं होना चाहिए।
- प्रदोष व्रत की पूजा में काले रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए, क्योंकि यह शुभ नहीं माने जाते। इसके स्थान पर आप सफेद, पीले या लाल रंग के कपड़े पहनकर शिव जी की पूजा कर सकते हैं।
- इस पवित्र दिन पर पूर्ण रूप से ब्रह्मचर्य का पालन करें और मन में किसी भी तरह का नकारात्मक विचार न लाएं।
शिवलिंग पर भूल से भी न चढ़ाएं ये चीजें
शिवलिंग की पूजा अत्यंत सादगी से होती है, लेकिन कुछ चीजें महादेव को अर्पित नहीं की जाती, क्योंकि इससे आपकी पूजा खंडित हो सकती है।
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- शिव जी वैरागी हैं, इसलिए उन पर सुहाग और सौंदर्य की सामग्री जैसे सिंदूर या हल्दी नहीं चढ़ाई जाती।
- शिवलिंग पर तुलसी का पत्ता (तुलसी दल) और केतकी का फूल चढ़ाना भी वर्जित माना गया है।
- इसके अलावा भगवान शिव को नारियल का पानी और टूटे हुए चावल (खंडित अक्षत) भी अर्पित न करें। हमेशा साबुत चावल ही चढ़ाएं।
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