मई में कब-कब रखा जाएगा प्रदोष व्रत? डायरी में तुरंत नोट करें तारीख और पूजा का समय
प्रदोष व्रत का दिन साधकों के लिए महत्वपूर्ण है। इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा के साथ दान-धर्म करने से जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता मिलती है ...और पढ़ें
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कैसे करें शिव जी को प्रसन्न? (AI-Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। धार्मिक मान्यता के अनुसार, प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा-अर्चना करने से साधक को जीवन में सफलता मिलती है और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। इस दिन संध्याकाल में महादेव की पूजा-अर्चना करने का विधान है।
मंदिर या गरीब लोगों में अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करना चाहिए। इससे साधक को शुभ फल की प्राप्ति होती है। अब जल्द ही मई का महीना शुरू होने जा रहा है। ऐसे में आइए आपको बताते हैं कि इस माह में कब-कब किया जाएगा प्रदोष व्रत।
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मई में कब-कब है प्रदोष व्रत? (Pradosh Vrat 2026 Dates)
वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह का पहला प्रदोष व्रत 14 मई को है और दूसरा प्रदोष व्रत 28 मई को है।
प्रदोष व्रत 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Pradosh Vrat 2026 Date and Shubh Muhurat)
वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 14 मई को सुबह 11 बजकर 20 मिनट पर होगी। वहीं, तिथि का समापन 15 मई को सुबह 08 बजकर 31 मिनट पर होगा। ऐसे में 14 मई को प्रदोष किया जाएगा।
इस दिन शिव पूजा का समय शाम 07 बजकर 04 मिनट से 09 बजकर 09 मिनट तक है।
प्रदोष व्रत 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Pradosh Vrat 2026 Date and Shubh Muhurat)
वैदिक पंचांग के अनुसार, दूसरा प्रदोष व्रत 28 मई को किया जाएगा।
ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत- 28 मई को सुबह 07 बजकर 56 मिनट पर
ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि का समापन- 29 मई को सुबह 09 बजकर 50 मिनट पर
शिव पूजा का शुभ मुहूर्त- शाम 07 बजकर 12 मिनट से 09 बजकर 15 मिनट तक
इन नियम का जरूर करें पालन
- प्रदोष व्रत के दिन ब्रह्मचर्य के नियम का पालन करना चाहिए। इससे साधक को व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
- व्रत के दौरान सात्विक भोजन का सेवन करें। लहसुन, प्याज, मांस, मदिरा का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए।
- इसके अलावा किसी से वाद-विवाद न करें। किसी के प्रति गलत न सोचें।
- काले रंग के कपड़े धारण न करें।
- घर और मंदिर की साफ-सफाई का ध्यान रखें।
- महिलाओं और बड़े बुर्जुगों का अपमान न करें।
- पूजा के दौरान कथा और शिव चालीसा का पाठ करें।
- मंदिर या गरीब लोगों में अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करें। ऐसा माना जाता है कि प्रदोष व्रत के दिन दान करने से धन लाभ के योग बनते हैं। साथ ही सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।
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