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    अधिकमास का महाउपाय: सोई किस्मत जगा देंगे रात के ये चमत्कारी उपाय, बरसेगी भगवान विष्णु की कृपा

    Updated: Sun, 17 May 2026 12:08 PM (IST)

    पुरुषोत्तम महीने में रात के समय किए गए कुछ गुप्त और दुर्लभ उपाय सोई हुई किस्मत को चमका सकते हैं, जो इस प्रकार हैं - ...और पढ़ें

    Purushottam Maas Upay: पुरुषोत्तम मास में रात्रि पूजा का महत्व।

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। अधिकमास, जिसे मलमास या पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। यह अवधि आध्यात्मिक उन्नति और कष्टों को दूर करने के लिए सर्वश्रेष्ठ मानी गई है। यह महीना भगवान विष्णु को समर्पित है।

    ऐसी मान्यता है कि इस माह में की गई पूजा, दान और उपाय कभी निष्फल नहीं होते। खासकर पुरुषोत्तम महीने में रात का एक अलग ही महत्व है।

    अगर इस दौरान रात के समय कुछ विशेष और दुर्लभ उपाय किए जाएं, तो कुंडली के बड़े से बड़े दोष दूर हो सकते हैं और श्री हरि की कृपा मिलती है। आइए जानते हैं अधिकमास की रात को किए जाने वाले उन महाउपायों के बारे में, जो जीवन में सुख-समृद्धि लाते हैं।

    raat ke upay

    Ai Generated image

    मुख्य द्वार और तुलसी के पास दीपदान

    अधिकमास की रात को दीपदान करना महापुण्यदायी माना जाता है। सूर्यास्त के बाद घर के मुख्य द्वार पर गाय के घी का एक दीपक जरूर जलाएं। इसके साथ ही तुलसी के पौधे के पास नौ बत्तियों वाला घी का दीपक जलाएं। दीपक रखते समय मन ही मन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु का ध्यान करें। यह उपाय घर से दरिद्रता को दूर रखता है।

    मंत्र जाप और विष्णु सहस्रनाम

    अधिकमास में रात पीले आसन पर बैठकर भगवान विष्णु की प्रतिमा के सामने 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र की कम से कम तीन माला का जाप करें। अगर हो पाए, तो विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। इससे राहु-केतु के अशुभ प्रभाव शांत होते हैं और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है।

    कपूर और लौंग के चमत्कारी उपाय

    रात को सोने से पहले चांदी या मिट्टी के पात्र में थोड़ा सा कपूर और दो फूल वाली लौंग जलाकर पूरे घर में उसका धुआं दिखाएं। अधिकमास में इस उपाय को करने से घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा और वास्तु दोष पूरी तरह समाप्त हो जाते हैं। साथ ही इससे परिवार के सदस्यों के बीच आपसी प्यार बढ़ता है और धन आगमन के नए मार्ग खुलते हैं।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।