Sankashti Chaturthi 2026: चतुर्थी के दिन शिवलिंग पर चढ़ाएं ये खास सामग्री, बनेंगे सभी बिगड़े काम
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी (Bhalchandra Sankashti Chaturthi 2026) 06 मार्च को मनाई जाएगी। ...और पढ़ें

Sankashti Chaturthi 2026: चतुर्थी के उपाय। (Ai Generated Image)
HighLights
भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी का दिन बेहद शुभ माना जाता है
यह भगवान गणेश को समर्पित है
इस दिन पूजा-पाठ और व्रत का विधान है
धर्म डेक्स, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी को भगवान गणेश की कृपा पाने का सबसे पावन दिन माना जाता है। इस दिन भगवान गणेश की विशेष पूजा होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी के दिन (Bhalchandra Sankashti Chaturthi 2026) शिवलिंग पर कुछ विशेष चीजें अर्पित करने से जीवन में शुभता का आगमन होता है। आइए जानते हैं भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी पर वे कौन सी चीजें हैं, जो आपकी किस्मत बदल सकती हैं?

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शिवलिंग पर जरूर चढ़ाएं ये 5 चीजें (Bhalchandra Sankashti Chaturthi 2026 Shivaling Rituals)
गुड़ मिश्रित जल
भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी के दिन तांबे के पात्र में शुद्ध जल भरकर उसमें थोड़ा सा गुड़ मिलाएं। फिर इस जल से शिवलिंग का अभिषेक करें। इस उपाय को करने से समाज में मान-सम्मान बढ़ता है और सरकारी कामों में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।
लाल चंदन का लेप
शिवलिंग पर लाल चंदन का लेप लगाना भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी के दिन बहुत शुभ माना गया है। कहा जाता है कि यह लेप लगाने से व्यक्ति को शारीरिक कष्टों से मुक्ति मिलती है और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
कनेर के लाल या पीले फूल
भगवान शिव को कनेर के फूल बहुत प्रिय हैं। ऐसे में भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी के दिन लाल या पीले रंग के कनेर के फूल शिवलिंग पर चढ़ाएं। इससे घर की दरिद्रता का नाश होता है और देवी लक्ष्मी का वास होता है।
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बिल्व पत्र पर लिखें यह मंत्र
तीन पत्तों वाला बिना कटा-फटा बिल्व पत्र लें और उसपर 'ॐ' लिखें। फिर इसे शिवलिंग पर अर्पित करें। यह उपाय करने से करियर में सफलता मिलती है। साथ ही भगवान शिव खुश होते हैं।
अक्षत और काले तिल
इस दिन शिवलिंग पर अक्षत और थोड़े से काले तिल चढ़ाने से अशुभ ग्रहों का प्रभाव कम होता है और पितृ दोष से भी राहत मिलती है।
इन बातों का रखें ध्यान
- चंद्रमा को अर्घ्य जरूर दें।
- पूजन के समय आपका मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए।
- शिवलिंग पर तांबे के लोटे का उपयोग जल चढ़ाने के लिए करें, लेकिन ध्यान रहे कि तांबे के पात्र से दूध न चढ़ाएं।
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