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    त्रिग्रही और आयुष्मान योग में शुरू हुआ सावन का महीना, क्यों शुभ माना जाता है यह दुर्लभ संयोग?

    Updated: Thu, 30 Jul 2026 01:54 PM (GMT+05:30)

    सावन मास का आरंभ 30 जुलाई को श्रवण नक्षत्र, त्रिग्रही और आयुष्मान योग के शुभ संयोग में हुआ है। यह दुर्लभ योग शिव भक्ति के लिए अत्यंत फलदायी माना जा रह ...और पढ़ें

    त्रिग्रही और आयुष्मान योग में सावन का आरंभ, जानें इसके शुभ प्रभाव और महत्व (Picture Credit: AI Generated)

    त्रिग्रही और आयुष्मान योग में सावन का आरंभ, जानें इसके शुभ प्रभाव और महत्व (Picture Credit: AI Generated)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में सावन के महीने को बहुत खास माना जाता है और इस दौरान भक्तजन शिव भक्ति में सराबोर होकर पूजन करते हैं।

    इस दौरान भक्ति की बूंदों में जब आस्था का भाव घुलता है, तब शुभ योगों के मेल से मोक्ष का द्वार खुलता है। सावन का यह पावन महीना केवल तिथियों का फेर नहीं होता है बल्कि परमात्मा से जुड़ने और जीवन को पावन बनाने का स्वर्णिम अवसर भी होता है।

    हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल सावन महीने का आरंभ 30 जुलाई 2026 को श्रवण नक्षत्र, त्रिगाही योग और आयुष्मान योग के अत्यंत शुभ संयोग में आरंभ हो गया है।

    इस साल सावन में कई शुभ योग बन रहे हैं जिनकी वजह से इस पूरे महीनबे का महत्व और ज्यादा बढ़ जाता है। आइए एस्ट्रो पत्री के ज्योतिषी श्री चंद्रेश शर्मा से जानें कि त्रिगाही और आयुष्मान योग के संयोग का क्या महत्व होता है और ये खास क्यों माना जाता है।

    त्रिगही और आयुष्मान योग का महत्व

    चूंकि इस साल सावन त्रिगाही और आयुष्मान योग में शुरू हुआ है इस वजह से सावन यह संदेश दे रहा है कि जब प्रकृति और ग्रह नक्षत्र अनुकूल हों, तो शिव की भक्ति हर प्रकार के दुख, संताप और पापों का हरण कर लेती है। सावन केवल एक महीना नहीं होता है बल्कि यह आंतरिक शुद्धि का महापर्व भी होता है।

    त्रिग्रही और आयुष्मान योग का दुर्लभ प्रभाव

    सावन के इस पावन महीने की शुरुआत विशेष और दुर्लभ योगों के संयोग से हुई है इसी वजह से इस बार सावन का आरंभ ही अत्यंत शुभ हो सकता है जो जीवन में कई तरह के बदलाव ला सकता है।

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    इस दौरान शिव भक्ति के भी जीवन में विशेष फल मिल सकते हैं और लोगों को अपने रुके हुए कामों को सही तरीके से करने में मदद मिलेगी। यदि आप इस बार सावन में घर पर रुद्राभिषेक का आयोजन करेंगे और शिव मंदिर में जलाभिषेक करेंगे तो जीवन में इसके सकरात्मक प्रभाव हो सकते हैं।

    सावन का पहला दिन क्यों है महत्वपूर्ण?

    आज गुरूवार के दिन से सावन महीने की शुरुआत हुई है और इस दिन का विशेष योग भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, इसलिए पूरा महीना कुछ नए कामों की शुरुआत करने, विशेष रूप से ऐसे कामों को करने के है जिसका आप लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। इस बार सावन में कुछ विशेष तिथियां भी हैं जिन्हें सभी राशियों के लिए बदलाव का समय माना जा रहा है।

    सावन की शुरुआत का यह दुर्लभ संयोग हमें सिखाता है कि सही समय पर की गई निश्छल भक्ति जीवन में स्वास्थ्य और शांति का संचार करती है।

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    लेखक: श्री चंद्रेश शर्मा, astropatri.com, फीडबैक के लिए लिखें: hello@astropatri.com