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शनि जयंती पर 90% लोग करना भूल जाते हैं ये 1 काम, साढ़ेसाती के बुरे प्रभाव से मिलेगा छुटकारा

Published: Fri, 15 May 2026 11:00 AM (IST)

ज्येष्ठ माह की अमावस्या पर मनाई जाने वाली शनि जयंती के दिन शनिदेव और पितरों की पूजा का विधान है। ...और पढ़ें

कैसे करें शनिदेव को प्रसन्न? (Picture Credit- AI Generated)

कैसे करें शनिदेव को प्रसन्न? (Picture Credit- AI Generated)

HighLights

  1. शनिदेव पर सरसों का तेल और काले तिल चढ़ाएं

  2. सूर्यास्त के समय पीपल की पूजा और परिक्रमा करें

  3. छाया दान करें और हनुमान जी की पूजा करें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह की अमावस्या के दिन शनि जयंती मनाई जाती है। इस दिन शनिदेव और पितरों को पूजा-अर्चना करने का विधान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस शुभ अवसर पर शनिदेव की पूजा-अर्चना और दान करने से जीवन में खुशियों का आगमन होता है और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। इस बार शनि जयंती 16 मई को मनाई जाएगी।

शनि जयंती के दिन शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव को दूर करने के लिए उपाय भी किए जाते हैं। अगर आप शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या की समस्या का सामना कर रहे हैं, तो आइए आपको बताते हैं कुछ ऐसे चमत्कारी उपाय के बारे में, जिनको करने से इस समस्या से मुक्ति मिलेगी।

शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या के उपाय

  • शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव को दूर करने के लिए शनि जयंती का दिन शुभ माना जाता है। इस दिन सुबह स्नान करने के बाद शनिदेव पर सरसों का तेल और काले तिल अर्पित करें। दीपक जलाकर आरती करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय को करने से शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या का बुरा प्रभाव दूर होता है। साथ ही शनिदेव की कृपा बरसती है।
  • इसके अलावा शनि जयंती के दिन सूर्यास्त के समय पीपल की पूजा करें। पेड़ की जड़ में जल और काला तिल अर्पित करें। सरसों के तेल का दीपक जलाएं। पेड़ की 7 बार परिक्रमा करें। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को करने से शनिदेव भक्त के जीवन के सभी दुख-दर्द दूर करते हैं और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।
  • अगर आप शनि की साढ़ेसाती के प्रभाव का सामना कर रहे हैं, तो ऐसे में शनि जयंती के दिन छाया दान करें। लोहे की कटोरी में सरसों का तेल लें, उसमें एक सिक्का डालें और उसमें अपने चेहरे की परछाई देखें। इसके बाद इसे मंदिर में दान करें। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को सच्चे मन से करने से मानसिक तनाव, और करियर की बाधाओं से छुटकारा मिलता है।
  • इस दिन हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने का भी विशेष महत्व है। शनि जयंती के दिन हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ अवश्य करें।इससे जीवन में आने वाले सभी संकट दूर होंगे। कारोबार में वृद्धि होगी। रुके हुए काम पूरे होंगे। साथ ही करियर में आ रही बाधा दूर होगी।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।

 

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