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    सोने से पहले 1 मिनट का मंत्र जप कैसे बदल सकता है आपकी मानसिक स्थिति?

    Updated: Tue, 16 Jun 2026 10:01 AM (IST)

    रात को सोने से पहले मंत्र जप करने से मन शांत हो सकता है और तनाव कम महसूस हो सकता है। जानिए कौन से मंत्र का जप किया जाता है और इससे जुड़ी धार्मिक मान्य ...और पढ़ें

    मन की शांति के लिए करें ये मंत्र जप (AI-Generated Image)

    मन की शांति के लिए करें ये मंत्र जप (AI-Generated Image)

    HighLights

    1. सोने से पहले मंत्र जप मन को शांत करने में मदद कर सकता है

    2. नियमित जप से तनाव और बेचैनी कम महसूस हो सकती है

    3. ॐ नमः शिवाय और राम नाम जैसे मंत्र लोकप्रिय हैं

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। दिनभर की भागदौड़, काम का दबाव और लगातार चलते विचार अक्सर रात में भी हमारा पीछा नहीं छोड़ते। कई लोगों को बिस्तर पर जाने के बाद भी नींद आने में समय लगता है क्योंकि दिमाग लगातार एक्टिव रहता है। ऐसे में सनातन परंपरा में सोने से पहले मंत्र जप का एक आसान उपाय बताया गया है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रात में सोने से पहले कुछ क्षण भगवान का स्मरण और मंत्रों का जप करने से मन को शांति मिलती है। यही वजह है कि आज भी बहुत से लोग अपनी दिनचर्या का अंत प्रार्थना या मंत्र जप के साथ करते हैं।

    कौन से मंत्र का जप कर सकते हैं?

    रात को सोने से पहले "ॐ" का उच्चारण सबसे सरल और लोकप्रिय माना जाता है। इसके अलावा, "ॐ नमः शिवाय" और "राम" नाम का जप भी कई लोग करते हैं। मान्यता है कि इन मंत्रों का शांत मन से उच्चारण करने पर मन की बेचैनी कम होती है और सकारात्मक भाव पैदा होते हैं।

    जरूरी नहीं कि आप लंबे समय तक मंत्र जप करें। कुछ लोग सिर्फ एक-दो मिनट का जप भी पर्याप्त मानते हैं। सबसे जरूरी बात नियमितता और श्रद्धा को माना जाता है।

    शास्त्रों में भी है उल्लेख

    शास्त्रों में भी मंत्र जप के महत्व का उल्लेख मिलता है। भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने "यज्ञानां जपयज्ञोऽस्मि" कहकर जप को श्रेष्ठ यज्ञ बताया है। वहीं, श्रीमद्भागवत महापुराण में कलयुग में भगवान के नाम-स्मरण और कीर्तन को मोक्ष का सरल मार्ग माना गया है। यही कारण है कि सनातन परंपरा में मंत्र जप को मानसिक शांति, आत्मिक उन्नति और ईश्वर से जुड़ाव का महत्वपूर्ण साधन माना जाता है।

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    श्रीमद्भागवत महापुराण के द्वादश स्कंध (12), तृतीय अध्याय (3), श्लोक 51 में मिलता है।

    कलौ दोषनिधे राजन्नस्ति ह्येको महान् गुणः।
    कीर्तनादेव कृष्णस्य मुक्तसङ्गः परं व्रजेत्॥

    अर्थ- कलयुग भले ही अनेक दोषों का भंडार है, फिर भी इसमें एक महान गुण है कि केवल भगवान कृष्ण के नाम का कीर्तन करने से मनुष्य सांसारिक बंधनों से मुक्त होकर परम गति को प्राप्त कर सकता है।

    Mantraas

    (AI-Generated Image)

    धार्मिक दृष्टि से मंत्र जप मन को ईश्वर से जोड़ने का माध्यम माना जाता है। वहीं, कई लोग इसे मानसिक एकाग्रता बढ़ाने वाला अभ्यास भी मानते हैं। जब व्यक्ति कुछ क्षणों के लिए एक ही शब्द या मंत्र पर ध्यान केंद्रित करता है, तो मन की भटकन कम होने लगती है।

    कहा जाता है कि इससे तनाव कम महसूस हो सकता है, मन हल्का होता है और नींद आने में भी आसानी हो सकती है। हालांकि, इसका प्रभाव व्यक्ति-व्यक्ति पर अलग हो सकता है। 

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।