सूर्य देव को अर्घ्य देते समय जल में जरूर मिलाएं ये चीजें, घर में आएगी समृद्धि और बढ़ेगा मान-सम्मान
सूर्य अर्घ्य में जल के साथ ऐसी कौन सी चीजें डालनी चाहिए जिससे मान-प्रतिष्ठा और धन-धान्य में वृद्धि होती है। ...और पढ़ें

सूर्य अर्घ्य के लिए जल में क्या डालें? (AI-Generated Image)

समय कम है?
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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य देव को नवग्रहों का राजा कहा गया है। सूर्य का संबंध हमारे पिता, आत्मा, प्रतिष्ठा, मान-सम्मान, नेतृत्व क्षमता और सरकारी नौकरी से होता है। जब किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य मजबूत स्थिति में होता है, तो उसे जीवन के हर क्षेत्र में सफलता, ऊंचा पद और सम्मान आसानी से मिल जाता है।
इसके उलट, अगर सूर्य कमजोर या खराब स्थिति में हो, तो पिता से मतभेद होने लगते हैं, करियर में रुकावटें आती हैं, पद-प्रतिष्ठा नहीं मिलती और व्यक्ति को धन-धान्य के संकट से गुजरना पड़ता है। इसी वजह से सूर्य ग्रह को बलवान करने के लिए रोजाना सुबह सूर्य को अर्घ्य देने की सलाह दी जाती है।
अर्घ्य के जल में कौन-सी चीजें मिलाएं?
- सूर्य देव को लाल रंग बेहद प्रिय है। जल में लाल चंदन या रोली डालकर अर्घ्य अर्पित करने से समाज में मान-प्रतिष्ठा बढ़ती है और रक्त से संबंधित समस्याओं में राहत मिलती है।
- लाल फूल को सकारात्मकता और ऊर्जा का प्रतीक माना गया है। जल में लाल फूल मिलाने से व्यक्ति का आत्मविश्वास मजबूत होता है और कार्यों में सफलता मिलती है।
- अर्घ्य के जल में गेहूं के दाने डालने से धन-धान्य में बढ़ोतरी होती है, सूर्य देव की कृपा से करियर में तरक्की मिलती है और सूर्य ग्रह मजबूत होता है।
- गुड़ का संबंध सूर्य और मंगल ग्रह से है। जल में गुड़ मिलाकर अर्घ्य देने से वाणी में मिठास आती है, पारिवारिक कलह समाप्त होती है और रुके हुए काम फिर से बनने लगते हैं।
- हल्दी शुभता और बृहस्पति ग्रह का प्रतीक है। गुरुवार के दिन जल में हल्दी डालकर सूर्य अर्घ्य देने से स्वास्थ्य उत्तम रहता है और शीघ्र विवाह के योग बनते हैं।
काले तिल का विशेष उपाय
अगर आपकी कुंडली में पितृ दोष हो, मानसिक तनाव बना रहता हो या कोई विशेष स्वास्थ्य समस्या हो, तो जल में काला तिल डालकर अर्घ्य दें। यह उपाय रोजाना न करके केवल रविवार, सूर्य ग्रहण, संक्रांति, अमावस्या या पितृ पक्ष के दौरान ही करना चाहिए।
जल में भूलकर भी न डालें ये चीजें
अर्घ्य के जल में अक्षत (चावल), दूध, नमक, तेल और घी नहीं डालना चाहिए। अक्षत और दूध का संबंध चंद्रमा से होता है। रविवार के दिन नमक का सेवन वर्जित होता है, जबकि तेल और घी का संबंध शनि व राहु ग्रह से है। विरोधी प्रकृति वाले ग्रहों की वस्तुएं जल में मिलाने से बचना चाहिए।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।
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