महाकाल ही नहीं! उज्जैन के वो 6 मंदिर जो आपकी आत्मा को तृप्त कर देंगे
उज्जैन के महाकाल मंदिर के अलावा शहर के 6 अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों का वर्णन करता है, जो भक्तों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। ...और पढ़ें

उज्जैन के 6 प्रसिद्ध मंदिर (AI Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। उज्जैन वह नगर जहां साक्षात भगवान शिव महाकाल के रूप में निवास करते हैं। पवित्र शिप्रा नदी के तट पर बसा उज्जैन महाकाल मंदिर भारत के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में शामिल है, जो सदियों से भक्तों, अघोरी बाबाओं और यात्रा करने वाले लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
उज्जैन महाकाल में बाबा के दर्शन के साथ अन्य देवी-देवताओं के भी मंदिर श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। महाकालेश्वर धाम के अलावा, उज्जैन शहर में और भी तीर्थस्थल हैं, जो मंत्रों, किंवदंतियों और रहस्यवाद को अपने में समाए हुए है।
आज के इस लेख के माध्यम से हम आपको उज्जैन शहर के महाकालेश्वर धाम के अलावा अन्य 6 प्रमुख मंदिरों के बारे में बताएंगे, जहां की दिव्यता आपको अपनी ओर बार-बार आकर्षित करेगी।
महाकाल नगरी के 6 प्रमुख मंदिर
काल भैरव मंदिर
मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में स्थित काल भैरव का मंदिर भी काफी प्रसिद्ध है। मान्यतओं के मुताबिक काल भैरव बाबा के दर्शन मात्र से भक्तों को दुखों से मुक्ति मिलती है।
पौराणिक कथाओं के मुताबिक, इस मंदिर का निर्माण राज भद्रसेन ने काल भैरव के सपने में दिए गए आदेश के बाद बनवाया था।
हर्षसिद्धि मंदिर
उज्जैन में ही स्थित है हर्षसिद्धि मंदिर जो भारत के 51 शक्तिपीठों में से एक है। देवी हर्षसिद्धि जिन्हें भक्त मां अन्नपूर्णा और मां महालक्ष्मी भी कहते हैं।
मंदिर में नवरात्र के दौरान अलग ही तरह का उत्साह देखने को मिलता है। किसी भी धार्मिक अनुष्ठान में हजारों दीपों को एक साथ प्रज्जवलन किया जाता है।
चिंतामणि गणेश मंदिर
उज्जैन शहर में ही स्थित है चिंतामणि गणेश भगवान का मंदिर, जो भक्तों के दुखों, जीवन में आने वाली बाधाओं और चिंताओं को दूर करने वाले माने जाते हैं। माना जाता है कि, इस मंदिर का निर्माण 11वीं-12वीं शताब्दी के दौरान परमार वंश के दौरान हुआ था।
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मंदिर में गणेश जी की मूर्ति स्वयंभू है, जो बेहद खास और पवित्र आध्यात्मिक रूप से शक्तिशाली स्थल बन जाता है।

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मंगलनाथ मंदिर
उज्जैन में स्थित मंगलनाथ मंदिर को लेकर पौराणिक मान्यता यह है कि, यह मंदिर मंगल ग्रह का जन्मस्थान माना जाता है, जो भगवान शिव को समर्पित है।
भक्तों का मानना है कि, इस मंदिर में पूजा करने से मंगल दोष की समस्या दूर होती है और वैवाहिक जीवन में स्थिरता आती है। यह मंदिर शिप्रा नदी के किनारे बसा है, जहां तीर्थयात्री वैदिक अनुष्ठान करते हैं।
राम घाट
उज्जैन का राम घाट भारत के सबसे प्राचीन और पवित्र घाटों में से एक है, जो शिप्रा नदी के किनारे स्थित है। यहां पर हर 12 वर्ष में एक बार कुंभ मेले का भव्य आयोजन होता है।
इस मेले में लाखों श्रद्धालु पवित्र शिप्रा नदी के जल में स्नान करने के लिए एकत्रित होते हैं, पूजा और धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लेते हैं।
संदीपानी आश्रम
भगवान कृष्ण उनके भाई बलराम और दोस्त सुदाम ने उज्जैन के प्रसिद्ध ऐतिहासिक संदीपानी आश्रम में ही गुरु संदीपानी के मार्गदर्शन में शिक्षा ग्रहण की थी।
इस आश्रम का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व काफी अधिक गहरा है, जिसका उल्लेख भागवत पुराण में देखने को मिल सकता है। इस आश्रम में आज भी एक अलग तरह का आध्यात्मिक सुख अनुभव होता है।
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