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    वैशाख पूर्णिमा पर क्या करें और क्या नहीं? इन गलतियों से घर में आ सकती है दरिद्रता

    Updated: Sun, 26 Apr 2026 03:38 PM (IST)

    वैशाख पूर्णिमा का दिन धन की देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा पाने का खास अवसर है। आइए इस तिथि से जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं। ...और पढ़ें

    Vaishakh Purnima Do's and Don'ts: वैशाख पूर्णिमा पर न करें ये गलतियां। Ai Generated Image

    Vaishakh Purnima Do's and Don'ts: वैशाख पूर्णिमा पर न करें ये गलतियां। Ai Generated Image

    HighLights

    1.  वैशाख पूर्णिमा पर गंगा स्नान और दान का बड़ा महत्व है

    2. पूर्णिमा के दिन तामसिक भोजन भोजन से बचना चाहिए

    3. इस दिन श्रीहरि की पूजा का विधान है

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में वैशाख पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इसे बुद्ध पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन दान, स्नान और ध्यान करने से कई जन्मों के पापों का नाश होता है। वैशाख का महीना भगवान विष्णु को बेहद प्रिय है, इसलिए इस दिन की गई छोटी सी गलती भी मां लक्ष्मी को नाराज कर सकती है, जिससे घर में दरिद्रता का वास हो सकता है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में जानते हैं कि इस दिन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

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    वैशाख पूर्णिमा पर क्या करें?

    • पवित्र स्नान और अर्घ्य - इस दिन सूर्योदय से पहले किसी पवित्र नदी में स्नान करें। अगर हो पाए, तो घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें और सूर्य देव को अर्घ्य दें।
    • सत्यनारायण कथा - पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु के सत्यनारायण स्वरूप की कथा सुनना या पढ़ना बहुत शुभ होता है। इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है।
    • दान का महत्व - वैशाख के महीने में गर्मी अधिक होती है, इसलिए इस दिन जल, फल, सत्तू, छाता या ठंडी चीजों का दान करना अक्षय पुण्य देता है।
    • चंद्र दर्शन - रात के समय चंद्रमा को दूध और जल का अर्घ्य दें। इससे मानसिक तनाव दूर होता है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

    भूलकर भी न करें ये गलतियां

    • तामसिक भोजन - पूर्णिमा के दिन भूलकर भी मांस, मदिरा, लहसुन या प्याज का सेवन न करें। इस दिन तामसिक भोजन करने घर की सकारात्मक ऊर्जा नष्ट होता है।
    • क्रोध और विवाद - इस दिन घर में कलह या किसी का अपमान न करें। जिस घर में झगड़े होते हैं, वहां से लक्ष्मी चली जाती हैं। विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों का अनादर न करें।
    • बाल और नाखून काटना - शास्त्रों के अनुसार, पूर्णिमा की तिथि पर बाल कटवाना, नाखून काटना या शेविंग करना वर्जित माना गया है। इसे अशुभता का प्रतीक माना जाता है।
    • कर्ज का लेन-देन - पूर्णिमा के दिन न तो किसी को पैसा उधार दें और न ही किसी से लें। ऐसा माना जाता है कि इस दिन किया गया धन का लेन-देन आर्थिक तंगी का कारण बन सकता है।
    • देर तक सोना - पूर्णिमा की सुबह और शाम के समय सोना वर्जित माना गया है। यह आलस्य और नकारात्मकता को बढ़ावा देता है।

    पूजन मंत्र

    • ॐ महालक्ष्म्यै नमः, नैवेद्यं निवेदयामि।
    • नैवेद्यं गृह्यतां देव भक्तिं मे चलां कुरु।
    • ईप्सितं मे वरं देहि परत्र च परां गतिम् ॥
    • ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मी नम:

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।