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    Varuthini Ekadashi 2026: एकादशी के दिन इन चीजों से करें शिव जी का अभिषेक, अशुभ ग्रहों के प्रभाव से मिलेगी मुक्ति

    Updated: Sun, 05 Apr 2026 12:37 PM (IST)

    वरूथिनी एकादशी का व्रत वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को रखा जाता है, जो इस साल 13 अप्रैल को पड़ रही है। ...और पढ़ें

    Varuthini Ekadashi 2026: एकादशी के उपाय। (Ai Generated Image)

    Varuthini Ekadashi 2026: एकादशी के उपाय। (Ai Generated Image)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वरूथिनी एकादशी का व्रत बहुत शुभ माना जाता है। यह व्रत हर साल वैशाख महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है। इस साल यह व्रत 13 अप्रैल को रखा जाएगा। यह एकादशी (Varuthini Ekadashi 2026) भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी को समर्पित है। वहीं, इस दिन शिवलिंग पर कुछ विशेष चीजें चढ़ाने से जीवन के कष्टों से छुटकारा मिलता है, तो आइए उन खास सामग्री के बारे में जानते हैं।

    शिवलिंग पर चढ़ाएं ये खास वस्तुएं (Offer These Things To Shivling)

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    शमी के फूल

    वरूथिनी एकादशी के दिन शमी के फूल शिवलिंग पर अर्पित करने से भगवान शिव खुश होते हैं। ऐसे में नीलकंठेश्वर महादेव का नाम लेते हुए शमी के फूल शिवलिंग पर चढ़ाएं। कहा जाता है कि ऐसा करने से रोग-दोष से मुक्ति मिलती है।

    बिल्वपत्र

    बिल्वपत्र भगवान शिव को बहुत प्रिय है। ऐसे में इसे शिवलिंग पर चढ़ाने मात्र से ही सभी पापों का नाश हो जाता है। शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय बिल्व पत्र पर थोड़ा-सा शहद लगाकर अर्पित करें। ऐसा करने से आरोग्य की प्राप्ति होती है।

    कच्चे चावल

    इस शुभ दिन पर शिवलिंग पर कच्चे चावल में थोड़े से काले तिल मिलाकर अर्पित करें। चढ़ाने के बाद उन्हीं चावल में मिले तिल को किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दान कर दें। इस उपाय को करने से शनि दोष से मुक्ति मिलती है।

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    गाय का घी

    वरूथिनी एकादशी के दिन शुद्ध गाय के घी से शिवलिंग का अभिषेक करें। कहा जाता है कि इससे रोग-दोष दूर होते हैं।

    महामृत्युंजय मंत्र

    भगवान शिव के महामृत्युंजय मंत्र का जाप 108 बार करें। ऐसा करने से जीवन पर आने वाले संकट टल जाते हैं। इसके साथ ही महादेव की कृपा मिलती है।

    पूजा मंत्र

    • ॐ पार्वतीपतये नम:॥
    • ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
    • उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ॥
    • ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात् ॥

    यह भी पढ़ें- Ekadashi April 2026 Date: अप्रैल में कब है वरूथिनी एकादशी और मोहिनी एकादशी, नोट करें तिथि और मुहूर्त

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।