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पूजा में भगवान को शहद क्यों अर्पित किया जाता है? वजह जानेंगे तो हर बार जरूर चढ़ाएंगे

Updated: Fri, 21 Aug 2026 12:15 PM (IST)

पूजा में भगवान को शहद अर्पित करने की परंपरा क्यों है? जानिए पंचामृत में शहद का धार्मिक महत्व, शिव अभिषेक में इसकी भूमिका और इससे जुड़ी मान्यताएं।

शहद का धार्मिक महत्व (AI-Generated Image)

शहद का धार्मिक महत्व (AI-Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के दौरान भगवान को अलग-अलग तरह की पूजा सामग्री अर्पित की जाती है। इनमें दूध, दही, घी, शक्कर, गंगाजल और शहद का विशेष महत्व है। खासकर, पंचामृत बनाने और भगवान के अभिषेक में शहद का इस्तेमाल सदियों से किया जाता रहा है। लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि पूजा में शहद ही क्यों चढ़ाया जाता है? इसके पीछे केवल परंपरा ही नहीं, बल्कि गहरा धार्मिक भाव भी जुड़ा हुआ है। इस आर्टिकल में जानेंगे कि आखिर क्यों शहद का इस्तेमाल इतना जरूरी है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शहद मधुरता, पवित्रता और शुभता का प्रतीक माना जाता है। जब भक्त भगवान को शहद अर्पित करता है, तो प्रार्थना करता है कि उसके जीवन, वाणी और व्यवहार में भी मिठास बनी रहे। इसलिए पूजा में शहद चढ़ाना केवल एक धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि अच्छे विचारों और सकारात्मक जीवन की कामना का प्रतीक भी माना जाता है।

श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 9 और श्लोक 26 के द्वारा पूजा में शहद अर्पित करने का महत्व बताया गया है-

"पत्रं पुष्पं फलं तोयं यो मे भक्त्या प्रयच्छति।
तदहं भक्त्युपहृतम् अश्नामि प्रयतात्मनः॥"

इसका अर्थ है- भगवान भक्त द्वारा श्रद्धा और भक्ति से अर्पित की गई वस्तु को प्रेम पूर्वक स्वीकार करते हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि पूजा में सबसे ज्यादा महत्व श्रद्धा का होता है।

इसके अलावा शास्त्रों में एक अन्य श्लोक है जिसमें शहद का महत्व बताया गया है-

पूजा के दौरान जब भगवान को मधुपर्क (दही, घी और शहद का मिश्रण) अर्पित किया जाता है, तब यह श्लोक पढ़ा जाता है:

आज्यं दधि मधु श्रेष्ठं पात्रयुग्मसमन्वितम्।
मधुपर्कं गृहाण त्वं प्रसन्नो भव शंकर॥

अर्थ: घी, दही और श्रेष्ठ शहद से तैयार किया गया यह पवित्र मिश्रण ग्रहण करें और प्रसन्न हों।

पंचामृत हिंदू पूजा-अनुष्ठान का सबसे जरूरी हिस्सा माना गया है। दूध शुद्धता, दही समृद्धि, घी पवित्रता, शक्कर आनंद और शहद मधुरता का प्रतीक माना जाता है। यही कारण है कि पंचामृत में शहद का विशेष स्थान है।

भगवान शिव के अभिषेक में भी शहद का इस्तेमाल बेहद शुभ माना गया है। मान्यता है कि जब आप शहद से अभिषेक करते हैं तो जीवन में सुख, शांति और प्रेम आने लगता है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।