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    9 अगस्त 2026 कामिका एकादशी पर करें 'तुलसी' की पूजा, भगवान विष्णु होंगे प्रसन्न और यम का भय होगा खत्‍म

    Updated: Wed, 29 Jul 2026 02:00 PM (IST)

    9 अगस्त 2026 को कामिका एकादशी है। इस दिन तुलसी की पूजा करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और यम का भय समाप्त होता है। जानें कामिका एकादशी का महत्व, ...और पढ़ें

    कामिका एकादशी पर तुलसी पूजा । (Picture Credit- AI Generated)

    कामिका एकादशी पर तुलसी पूजा । (Picture Credit- AI Generated)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। पवित्रा एकादशी के नाम से लोकप्रिय कामिका एकादशी के दिन भगवान श्री हरि विष्णु के उपेंद्र स्वरूप की पूजा की जाती है। भगवान का यह स्वरूप एक मित्र और सहायक का है। मान्यता है कि इस दिन भगवान श्री हरि विष्णु के साथ देवी तुलसी की भी पूजा करनी चाहिए। तुलसी को देवी राधा और भगवान के उपेंद्र स्वरूप को श्री कृष्ण का स्वरूप माना गया है। इसलिए कामिका एकादशी के दिन तुलसी की भी विशेष पूजा की जानी चाहिए।

    धार्मिक शास्त्रों में इस दिन तुलसी की पूजा करने से यम का भय खत्म हो जाता है। तो चलिए जानते हैं कि इस एकादशी के दिन कैसे तुलसी की पूजा करनी चाहिए।

    घी का दीपक जलाएं

    कामिका एकादशी पर माता तुलसी को देसी घी का दीपक जलाने से घर की सारी नकारात्‍मक ऊर्जा नष्‍ट हो जाती है। इससे सुख और समृद्धि आती है और घर में मां लक्ष्‍मी का वास होता है। इतना ही नहीं, घर में शाम के वक्‍त अगर आप रोज ही देसी घी का दीपक जलाते हैं, तो उससे घर का वास्‍तु दोष नष्‍ट होता है।

    तुलसी की परिक्रमा

    वैसे तो देवी तुलसी की परिक्रमा रोज ही की जा सकती है, मगर आप यदि रोज नहीं कर पा रहे हैं, तो एकादशी के दिन आपको जरूर करनी चाहिए। तुलसी की कम-से-कम तीन परिक्रमा जरूर करनी चाहिए।इसके लिए आप तुलसी के पौधे के इर्द-गिर्द भी चक्कर काट सकते हैं या फिर जहां आप खड़े हैं वहीं गोल-गोल घूमकर तीन बार तुलसी की परिक्रमा कर लें।

    मंत्र जाप करें

    जब तुलसी की परिक्रमा करें, तब मन ही मन आपको 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जप जरूर करना चाहिए। इससे मन शांत रहता है और देवी लक्ष्‍मी के साथ-साथ भगवान विष्‍णु का भी आशीर्वाद प्राप्‍त होता है। इस मंत्र का जाप आप तुलसी माता की पूजा से लेकर परिक्रमा को पूरा करने तक में कम से कम 11 बार कर सकते हैं।

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    अतः तुलसी की पूजा नियमित करनी चाहिए, मगर जो लोग नहीं करते हैं उन्हें कामिका एकादशी के दिन इसे जरूर करना चाहिए।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।