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    घर की इन 5 जगहों पर कभी न रखें पूजा का मंदिर, बढ़ सकती हैं परेशानियां

    Updated: Tue, 04 Aug 2026 03:13 PM (GMT+05:30)

    घर में पूजा का स्थान बनाते समय वास्तु नियमों का पालन करना महत्वपूर्ण माना जाता है जिससे जीवन में सुख-शांति बनी रहे। आइए आपको बताते हैं घर में किन स्था ...और पढ़ें

    वास्तु के अनुसार घर में पूजा का स्थान: इन 5 जगहों पर मंदिर बनाने से बचें (Picture Credit: AI Generated)

    वास्तु के अनुसार घर में पूजा का स्थान: इन 5 जगहों पर मंदिर बनाने से बचें (Picture Credit: AI Generated)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। अक्सर ऐसा देखा जाता है कि आपकी लाख कोशिशों के बाद भी जीवन में सफलता नहीं मिलती है और घर में कलह-कलेश बना रहता है।

    कई बार आपके घर में की गई कुछ वास्तु से जुड़ी गलतियां होती हैं जिनकी वजह से आपको समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

    ऐसे ही घर में पूजा के स्थान को लेकर भी कई वास्तु नियम बनाए गए हैं, जिनका पालन करना अत्यंत जरूरी माना जाता है। घर में पूजा का स्थान हमेशा साफ-सुथरा, शांति से भरपूर और वास्तु दोषों से रहित होना चाहिए जिससे आपका पूजा में मन लगे और मन को शांति भी मिले।

    वास्तु की मानें तो सही दिशा के साथ स्थान भी पूजा के लिए बहुत मायने रखता है। आइए आपको बताते हैं किन विशेष स्थानों पर पूजा का स्थान बनाने से बचना चाहिए जिससे घर में कोई वास्तु दोष न हो।

    बेडरूम में न बनाएं पूजा का स्थान

    कई बार लोग जगह की कमी की वजह से या फिर अपनी सुविधा के लिए घर के बेडरूम में पूजा का स्थान बना लेते हैं। ऐसा करना वास्तु के अनुरूप नहीं माना जाता है।

    जो लोग बेडरूम में मंदिर बना लेते हैं उन्हें पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता है और उनकी पूजा स्वीकार्य नहीं मानी जाती है। इसका सीधा सा कारण यह है कि बेडरूम सोने का स्थान होता है और घर की हर एक जगह का अपना अलग महत्व होता है। आप जिस स्थान पर आराम करते हैं वहां पूजा का मंदिर रखना उचित नहीं है।

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    सीढ़ियों के नीचे न बनाएं पूजा का मंदिर

    आपको कभी भी घर में सीढ़ियों के नीचे पूजा का मंदिर नहीं बनवाना चाहिए। ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि सीढ़ियों के नीचे का स्थान नकारात्मक ऊर्जा का घर माना जाता है। अगर आप इस स्थान पर भगवान की मूर्तियां स्थापित करते हैं तो पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती है और वास्तु दोष लग सकता है। सीढ़ियों के नीचे बने मंदिर को घर के लिए शुभ नहीं माना जाता है।

    बाथरूम के आस-पास न बनाएं मंदिर

    अगर आपका पूजा का स्थान बाथरूम के आस-पास कहीं भी स्थित है तो यह घर के लिए वास्तु दोष का कारण बन सकता है। आपको भूलकर भी बाथरूम के पास पूजा का स्थान नहीं रखना चाहिए।

    हमेशा मंदिर साफ जगह पर होना चाहिए जिससे उसकी ऊर्जा पूरे घर में फैल सके और वातावरण को भी शुद्ध करें। अगर आपके घर में जगह की कमी है तब भी इस स्थान पर पूजा का मंदिर न रखें।

    दक्षिण-पश्चिम दिशा में न बनाएं मंदिर

    घर के मंदिर के लिए सबसे अच्छी दिशा उत्तर-पूर्व य ईशान कोण को माना जाता है। यदि मंदिर इस दिशा में होता है तो यहां पूजा करने से पूर्ण फल मिलता है। आपको कभी भी गलत दिशा जैसे दक्षिण-पश्चिम में पूजा का स्थान नहीं बनाना चाहिए। गलत दिशा में बना मंदिर वास्तु दोषों का कारण बन सकता है।

    किचन के भीतर न बनाएं पूजा का स्थान

    कई बार देखा जाता है कि लोग किचन के भीतर ही पूजा का स्थान बना लेते हैं। ऐसा करना वास्तु और ज्योतिष शास्त्र दोनों के अनुकूल नहीं माना जाता है। इसका सबसे मुख्य कारण यह है कि आप किचन में सभी तरह का भोजन बनाते हैं और उसकी खुशबू भी चारों तरफ फैलने लगती है। अगर आप किचन में मंदिर रखते हैं और वहीं तामसिक भोजन भी बनाते हैं तो ये आपके लिए शुभ नहीं माना जाता है।

    अगर आपके घर में भी पूजा का स्थान इनमें से किसी भी जगह मौजूद है तो आपको यहां बताई बातों का ध्यान रखना चाहिए और मंदिर को सही दिशा और स्थान में स्थापित करना चाहिए।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।