घर के किस कोने में सबसे ज्यादा नकारात्मक ऊर्जा जमा होती है? दूर करने के उपाय
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में नकारात्मक ऊर्जा जमा हो सकती है, जिससे स्वास्थ्य और धन पर बुरा असर पड़ता है। इसे दूर करने के ...और पढ़ें

घर के ईशान कोण से नकारात्मक ऊर्जा कैसे दूर करें वास्तु उपाय (Picture Credit: AI Generated)
HighLights
ईशान कोण में नकारात्मक ऊर्जा जमा होने के कारण।
साफ-सफाई, रोशनी और वास्तु पिरामिड से दूर करें।
कपूर, लौंग जलाना और हल्के रंग उपयोग करें।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के कुछ ऐसे हिस्से होते हैं जो सबसे ज्यादा नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इन हिस्सों में सबसे पहले नकारात्मक ऊर्जा का वास हो सकता है, इसलिए इन्हें हमेशा साफ रखने की सलाह दी जाती है। इन्हीं में से एक है घर का उत्तर-पूर्व कोना जिसे ईशान कोण भी कहा जाता है।
आमतौर पर इस स्थान में घर का मंदिर बनाने की सलाह दी जाती है, लेकिन यदि आप इसके सखी नियमों का पालन नहीं करती हैं तो इसमें नकारात्मक ऊर्जा का वास हो सकता है और आपके बनते काम बिगड़ने लगते हैं। घर के इस कोने का संबंध सेहत, धन और आध्यात्मिक विकास से होता है।
जब यह जगह साफ़-सुथरी, खुली और अच्छी रोशनी वाली होती है, तो यहां अच्छी ऊर्जा आकर्षित होती है और पूरे घर के वातावरण को शुद्ध करती है। आइए आपको बताते हैं इस स्थान पर क्यों जमा होती है नकारात्मक ऊर्जा और इसे दूर कैसे किया जा सकता है?
घर के उत्तर-पूर्व कोने में क्यों जमा होती है नकारात्मक ऊर्जा
वास्तु शास्त्र में उत्तर-पूर्व कोने, जिसे 'ईशान कोण' कहा जाता है, इसका खास महत्व है। इसे घर की सबसे पवित्र दिशा माना जाता है, जो खुशहाली, सेहत और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ी होती है।
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इसी वजह से यहां पूजा का स्थान बनाने की सलाह भी दी जाती है, लेकिन यदि आप इस स्थान पर वास्तु से जुडी कुछ गलतियां करते हैं तो यहां की ऊर्जा नकारात्मक होने लगती है और ईश्वर की भक्ति का फल भी नहीं मिलता है।
अगर इस हिस्से में कोई वास्तु दोष हैं जैसे कि फालतू सामान का ढेर, भारी फर्नीचर, जूते-चप्पल का ढेर तो इससे यहां की अच्छी ऊर्जा प्रभावित हो जाती है। साथ ही, यदि इस स्थान पर घर का मंदिर है तो इसमें कभी किसी बाहरी की नजर भी नहीं पड़नी चाहिए।
उत्तर-पूर्व दिशा का वास्तु कैसे ठीक करें
- उत्तर-पूर्व कोने में गंदगी या अव्यवस्था होने से सेहत से जुड़ी समस्याएं, रिश्तों में दूरियां और आर्थिक नुकसान के योग बनते हैं। इसलिए यहां का वास्तु ठीक रखने के लिए कुछ उपाय आजमाएं-
- उत्तर-पूर्व कोने को हमेशा साफ रखें और इस जगह को धूल और कबाड़ से दूर रखें। इस स्थान में कभी अंधेरा नहीं होना चाहिए और कोशिश करें कि यहां प्राकृतिक रोशनी आए। इस कोने के पर्दे हमेशा खुले रखें और सुबह के समय खिड़कियां खोलें जिससे धूप अंदर आए।
- इस स्थान पर वास्तु पिरामिड रखें जिससे कोने की ऊर्जा को संतुलित करने में मदद मिलती है।
- इस स्थान पर नियमित रूप से लौंग और कपूर जलाएं और धुआं पूरे घर में फैलने दें।
- उत्तर-पूर्व कोने में भूलकर भी कोई भरी फर्नीचर या खाली डिब्बे न रखें। इनमें सबसे ज्यादा नकारात्मक ऊर्जा का वास हो जाता है।
- ऐसा माना जाता है कि उत्तर-पूर्वी कोने के लिए सही रंग चुनने से सकारात्मकता और तालमेल बढ़ता है। इस स्थान पर सफेद , हल्का नीला, क्रीम या हल्का पीला जैसे रंगों का चुनाव करें।
अगर आप घर के उत्तर पूर्व कोने में यहां बताए वास्तु नियमों का पालन करेंगे तो कोई भी नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं करेगी।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।