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    वास्तु दोष: घर के उत्तर-पूर्व में लाल रंग क्यों माना जाता है परेशानी की वजह?

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 09:30 AM (IST)

    वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का उत्तर-पूर्व दिशा ईशान कोण कहलाता है और यहां लाल रंग का इस्तेमाल परेशानी का कारण बनता है। जानें क्यों इस दिशा में लाल रं ...और पढ़ें

    वास्तु दोष और उसके गंभीर परिणाम ।  (Picture Credit- AI Generated)

    वास्तु दोष और उसके गंभीर परिणाम । (Picture Credit- AI Generated)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र में घर के हर हिस्से का अपना अलग महत्व बताया गया है। उत्तर-पूर्व दिशा, जिसे ईशान कोण भी कहा जाता है, इसे घर की सबसे शुभ दिशाओं में गिनी जाता है। वास्‍तु शास्‍त्र के अनुसार यह दिशा शांति, ज्ञान, सकारात्मक सोच और समृद्धि से जुड़ी होती है। इसलिए इस स्थान पर रंगों और सजावट का चुनाव भी सोच-समझकर करने की सलाह दी जाती है। वास्तु के अनुसार, यदि इस दिशा में लाल रंग का अधिक प्रयोग किया जाए, तो यह कई तरह की परेशानियों का कारण बन सकता है। चलिए हम आपको इसके बारे में विस्‍तार में जानकारी देते हैं।

    उत्तर-पूर्व दिशा का महत्व

    वास्तु मान्यताओं के अनुसार उत्तर-पूर्व दिशा जल तत्व का प्रतिनिधित्व करती है। जल को शांति, पवित्रता, मानसिक संतुलन और जीवन में आगे बढ़ने का प्रतीक माना जाता है। इसलिए इस दिशा को साफ, हल्के रंगों के सामान से सजाने और खुला रखने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है।

    इस दिशा में लाल रंग क्यों माना जाता है अशुभ?

    लाल रंग अशुभ नहीं होता है, मगर यह अग्नि तत्व का प्रतीक माना जाता है। अग्नि ऊर्जा, उत्साह और शक्ति का संकेत देती है, लेकिन उत्तर-पूर्व दिशा जल तत्व से जुड़ी होने के कारण यहां अग्नि तत्व का प्रभाव संतुलन बिगाड़ सकता है। वास्तु के अनुसार, जल और अग्नि एक-दूसरे के विपरीत तत्व हैं। इसलिए इस दिशा में लाल रंग का अधिक इस्तेमाल करने से सकारात्मक ऊर्जा कम हो सकती है और घर का वातावरण प्रभावित हो सकता है।

    धन से जुड़ी परेशानियां

    वास्तु मान्यताओं के अनुसार, उत्तर-पूर्व में लाल रंग होने से आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। घर में धन आने की गति धीमी हो सकती है, बचत कम हो सकती है और कई बार फंसा हुआ पैसा वापस मिलने में भी कठिनाई आ सकती है। कारोबार या नौकरी में भी अपेक्षित लाभ मिलने में रुकावट महसूस हो सकती है।

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    मानसिक तनाव और गुस्सा

    ऐसा माना जाता है कि इस दिशा में लाल रंग की अधिकता से परिवार के लोगों का स्वभाव चिड़चिड़ा हो सकता है। छोटी-छोटी बातों पर बहस, गुस्सा और मानसिक तनाव बढ़ने की संभावना बताई जाती है। इससे घर का शांत माहौल प्रभावित हो सकता है और रिश्तों में भी खटास आ सकती है।

    करियर और तरक्की पर असर

    वास्तु के अनुसार, उत्तर-पूर्व दिशा व्यक्ति की सोच, निर्णय लेने की क्षमता और नए अवसरों से जुड़ी मानी जाती है। यदि यहां लाल रंग का अधिक प्रभाव हो, तो करियर में रुकावट, काम में देरी और सफलता मिलने में बाधाएं आने की मान्यता है। कई लोगों का मानना है कि मेहनत के बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाते।

    बच्चों की पढ़ाई पर प्रभाव

    वास्तु मान्यताओं में यह भी कहा जाता है कि उत्तर-पूर्व दिशा का संबंध ज्ञान और शिक्षा से होता है। यदि इस स्थान पर लाल रंग अधिक हो, तो बच्चों का पढ़ाई में मन कम लग सकता है। ध्यान भटकना, एकाग्रता की कमी और परीक्षा के समय तनाव जैसी समस्याएं बढ़ने की बात कही जाती है।

    अत: वास्तु शास्त्र के अनुसार उत्तर-पूर्व दिशा में लाल रंग का अधिक प्रयोग जल और अग्नि तत्वों के असंतुलन का कारण माना जाता है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।