वास्तु शास्त्र: घर के बीचों-बीच रखी ये चीजें रोक देती हैं सुख-समृद्धि, तुरंत हटा दें
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का मध्य भाग (ब्रह्म स्थान) सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र होता है। इस स्थान पर भारी सामान, कबाड़ या जल संबंधी वस्तुएं रखने से स ...और पढ़ें

ब्रह्म स्थान का वास्तु

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का हर हिस्सा अपनी अलग ऊर्जा और महत्व रखता है। आमतौर पर लोग उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम जैसी दिशाओं पर अधिक ध्यान देते हैं, लेकिन घर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा उसका मध्य भाग यानी केंद्र माना जाता है। इसे ब्रह्म स्थान कहा जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार यह स्थान पूरे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य, मानसिक शांति तथा समृद्धि से जुड़ा होता है। इसलिए इस क्षेत्र को हमेशा साफ, खुला और व्यवस्थित रखना चाहिए।
क्यों नहीं होना चाहिए ब्रह्म स्थान पर भारी सामान?
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के बीचों-बीच भारी या अनावश्यक वस्तुएं रखने से ऊर्जा का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो सकता है। माना जाता है कि इससे घर में सकारात्मक वातावरण कम होने लगता है और परिवार के सदस्यों को मानसिक तनाव, आर्थिक रुकावट या अन्य छोटी-बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए ब्रह्म स्थान को जितना संभव हो हल्का और खुला रखा जाए, उतना बेहतर माना जाता है।
कबाड़ और बेकार सामान न रखें
घर के केंद्र में पुराने अखबार, टूटे हुए फर्नीचर, खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान या अन्य अनुपयोगी वस्तुएं जमा नहीं करनी चाहिए। वास्तु मान्यताओं के अनुसार कबाड़ नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है और घर की सकारात्मकता को प्रभावित कर सकता है। समय-समय पर ऐसे सामान को हटाते रहना घर के वातावरण को बेहतर बनाए रखने में सहायक माना जाता है।
भारी फर्नीचर रखने से बचें
यदि घर के मध्य भाग में बड़ी अलमारी, भारी सोफा, लोहे की तिजोरी या अन्य वजनदार फर्नीचर रखा गया है, तो वास्तु के अनुसार इसे उचित नहीं माना जाता। ऐसे सामान ऊर्जा के प्रवाह को रोक सकते हैं।
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मंदिर या पूजा स्थल भी न बनाएं
हालांकि पूजा घर को बेहद शुभ माना जाता है, लेकिन वास्तु शास्त्र में घर के बिल्कुल मध्य भाग में मंदिर बनाने की सलाह नहीं दी जाती। पूजा स्थल के लिए उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को अधिक उपयुक्त माना गया है। इससे धार्मिक ऊर्जा का संतुलन बेहतर बना रहता है।
पानी से जुड़ी वस्तुएं रखने से करें परहेज
घर के केंद्र में पानी की टंकी, फव्वारा, बड़ा एक्वेरियम या पानी से संबंधित अन्य चीजें भी वास्तु के अनुसार उचित नहीं मानी जातीं। मान्यता है कि इससे ऊर्जा संतुलन प्रभावित हो सकता है।
हमेशा रखें साफ और खुला स्थान
ब्रह्म स्थान को साफ-सुथरा, हवादार और रोशनी से भरपूर रखना सबसे अच्छा माना जाता है। यहां पर्याप्त प्राकृतिक प्रकाश और स्वच्छता रहने से सकारात्मक माहौल बना रहता है।
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अत: घर के केंद्र को साफ और खाली रखें, इससे घर में सकारात्मक वातावरण बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
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