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    आगरा किला: फिर सोने से चमकेंगे जहांआरा और रोशनआरा महल, ASI करा रहा 12 लाख से मडपैक ट्रीटमेंट

    Updated: Wed, 29 Jul 2026 11:56 AM (IST)

    आगरा किला स्थित जहांआरा और रोशनआरा के महलों में एएसआई की रसायन शाखा ने मडपैक ट्रीटमेंट शुरू किया है। इससे धूल और स्पर्श से फीकी पड़ी संगमरमरी सुंदरता ...और पढ़ें

    आगरा किला स्थित जहांआरा की छतरी पर एएसआइ की रसायन शाखा ने मडपैक ट्रीटमेंट का काम शुरू किया है। जागरण

    आगरा किला स्थित जहांआरा की छतरी पर एएसआइ की रसायन शाखा ने मडपैक ट्रीटमेंट का काम शुरू किया है। जागरण

    HighLights

    1. आगरा किला में जहांआरा-रोशनआरा महल का मडपैक ट्रीटमेंट शुरू

    2. धूल-स्पर्श से फीकी पड़ी संगमरमरी सुंदरता फिर से निखरेगी

    3. तांबे की प्लेटों का भी संरक्षण होगा, सितंबर तक चलेगा काम

    जागरण संवाददाता, आगरा। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की रसायन शाखा ने आगरा किला स्थित जहांआरा और रोशनआरा के महल में मडपैक ट्रीटमेंट (मुल्तानी मिट्टी का लेप) शुरू कर दिया है। धूल कणों और पर्यटकों द्वारा छूने की वजह से दोनों स्मारकों की धवल संगमरमरी सुंदरता पर लगे 'दाग' साफ होने से उनकी सुंदरता निखर उठेगी।

    दोनों स्मारकों की छत पर लगी तांबे की प्लेट का भी संरक्षण किया जाएगा, जिससे वह सोने की तरह दमक उठेगी। सितंबर के मध्य तक चलने वाले काम पर करीब 12 लाख रुपये व्यय होगे।

    एएसआइ की रसायन शाखा ने शुरू किया आगरा किला में काम

    आगरा किला में अंगूरी बाग में बने खास महल से जहांआरा और रोशनआरा की छतरियां सटी हुई हैं। महल के उत्तर में जहांआरा और दक्षिण में रोशनआरा की छतरी है। इनका निर्माण शाहजहां ने कराया था। दोनों छतरियों में बाहर की तरफ सफेद संगमरमर लगा हुआ है, जबकि अंदर की तरफ चूने का सफेद प्लास्टर हो रहा है। दोनों छतरियों की छत पर तांबे की प्लेट लगी हुई है।

    सितंबर के मध्य तक चलेगा काम, व्यय होंगे 12 लाख रुपये

    धूल कणों के जमाव और पर्यटकों के स्पर्श से दोनों छतरियों में लगा संगमरमर पीला नजर आने लगा है। यही स्थिति छतरियों में अंदर की तरफ हो रहे चूने के सफेद प्लास्टर की भी है। छतरियों की छत पर लगी तांबे की प्लेट भी धूल कणों के प्रभाव की वजह से खराब लगती है। एएसआइ की रसायन शाखा ने इसे देखते हुए दोनों छतरियों और उनके संगमरमरी अहाते में मडपैक ट्रीटमेंट का काम शुरू किया है। संगमरमर और प्लास्टर को साफ करने के बाद तांबे की प्लेट को साफ कर संरक्षण का काम किया जाएगा। यह काम सितंबर के मध्य तक चलेगा।

    शाहजहां की बेटी थीं जहांआरा और रोशनआरा

    जहांआरा और रोशनआरा, शाहजहां व मुमताज की बेटियां थीं। जहांआरा सबसे बड़ी थी। जहांआरा दाराशिकोह के साथ थीं। रोशनआरा ने उत्तराधिकार के युद्ध में औरंगजेब का साथ दिया था। जहांआरा ने आगरा में जामा मस्जिद का निर्माण कराया थाा।

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    मडपैक ट्रीटमेंट

    मडपैक ट्रीटमेंट में संगमरमर से बने स्मारक पर मुल्तानी मिट्टी (फुलर अर्थ) का लेप किया जाता है। इसे सूखने दिया जाता है। मुल्तानी मिट्टी स्मारक की सतह पर जमा धूल कणों को हटाती है। इसे बाद में पानी से धोकर साफ कर दिया जाता है। एएसआई की रसायन शाखा इससे पूर्व आगरा किला में मोती मस्जिद, दीवान-ए-आम स्थित शहंशाह के बैठने के स्थान समेत संगमरमर से बने अन्य भवनों को साफ कर चुकी है।