श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद: काशी विश्वनाथ से पहले समाधान संभव, आगरा में विहिप अध्यक्ष का बयान
विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि वाद का निस्तारण काशी विश्वनाथ से पहले संभव है, जिसे इलाहाबाद हाई कोर्ट ने संपूर्ण हिंदू समाज का ...और पढ़ें

अधिवक्ता सुरेंद्र गुप्ता से बातचीत करते विहिप के अध्यक्ष आलोक कुमार।
HighLights
श्रीकृष्ण जन्मभूमि वाद का निस्तारण काशी से पहले संभव।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इसे प्रतिनिधित्व वाद माना।
विहिप अध्यक्ष ने आगरा में अधिवक्ता से की चर्चा।
जागरण संवाददाता, आगरा। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि काशी विश्वनाथ मंदिर से पहले श्रीकृष्ण जन्मभूमि वाद का निस्तारण संभव है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अधिवक्ता सुरेंद्र गुप्ता द्वारा श्रीकृष्ण जन्मभूमि के संबंध में दायर वाद को संपूर्ण हिंदू समाज की ओर से दायर किया हुआ वाद माना है।
19 वादों में से केवल इस वाद को प्रतिनिधित्व वाद के रूप में मान्यता दी गई है। हर हिंदू संगठन और हिंदू का दायित्व है कि वह इस वाद को भावनात्मक सहयोग प्रदान करे।
विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार आए शहर
आलोक कुमार शनिवार को विजय नगर स्थित पूर्व जिला शासकीय अधिवक्ता सुरेंद्र गुप्ता के घर पहुंचे। उन्होंने सुरेंद्र गुप्ता के साथ श्रीकृष्ण जन्मभूमि, मथुरा के इलाहाबाद हाई कोर्ट में विचाराधीन वाद पर चर्चा की। सुरेंद्र गुप्ता ने बताया कि सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को वक्फ अधिनियम की धारा-89 के तहत नोटिस तामील किया जा चुका है, लेकिन उसने अभी तक जवाब नहीं दिया है। अब इस वाद में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को भी पक्षकार बनाया जाएगा।
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अधिवक्ता सुरेंद्र गुप्ता से जानकारी, सहयोग का आश्वासन
आलोक कुमार ने सुरेंद्र गुप्ता से अपेक्षा की कि वह यथासंभव तारीखों पर इलाहाबाद हाई कोर्ट जाकर स्वयं हिंदू समाज की ओर से बहस करें। अधिवक्ता वरुण माहेश्वरी और गोकुलेश गौतम को वाद से संबंधित अभिलेखों को शीघ्र एकत्रित करने को कहा। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता भक्तिवर्धन से उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मस्थान के संबंध में विचाराधीन अपील का निस्तारण वरिष्ठ अधिवक्ता योगेश्वरन के साथ कराने को कहा।