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    चोरी कबूल कराने के लिए युवक को लगाया करंट, आगरा में चौकी इंचार्ज समेत पांच पर केस दर्ज

    Updated: Sat, 21 Mar 2026 03:04 PM (IST)

    आगरा के बेलनगंज में चोरी के एक साल पुराने मामले में छत्ता पुलिस फंसी है। चोरी के आरोप में जेल भेजे गए ओमवीर सिंह तोमर ने गुदड़ी मंसूर खां चौकी इंचार्ज ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर।

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    जागरण संवाददाता, आगरा। बेलनगंज में दुकान में हुई चोरी और आरोपित की गिरफ्तारी के एक साल पुराने मामले में छत्ता पुलिस फंस गई है। चोरी के आरोप में जेल भेजे गए युवक ने गुदड़ी मंसूर खां चौकी इंचार्ज पर थाने में पीटने व करंट लगाने का आरोप लगाया है।

    कोर्ट के आदेश पर छत्ता थाने में दर्ज हुए मुकदमे में चौकी इंचार्ज के साथ ही चोरी की शिकायत करने वाले व्यापारी सहित पांच लोगों को नामजद किया गया है। आरोपित दारोगा वर्तमान में शाहगंज थाने में तैनात है।

    गुदड़ी मंसूर खां चौकी इंचार्ज सहित पांच पुलिसकर्मियों पर लगाया आरोप

    एमएम गेट के मोती कटरा निवासी ओमवीर सिंह तोमर बेलनगंज पथवारी में स्थित भजनलाल होत चंदानी की आरएस पावर टूल्स नाम से दुकान पर 15 हजार रुपये में नौकरी करता था। जीतू, अर्जुन, गौरव भी दुकान पर बैठते थे।

    चोरी से कुछ दिन पहले ही उसने नौकरी छोड़ दी थी। बीते वर्ष दुकान में चोरी हो गई। दुकान मालिक भजनलाल ने अज्ञात के खिलाफ पुलिस से शिकायत की। बाद में चोरी के मामले में ओमवीर सिंह को फंसा दिया।

    दुकान में चोरी के आरोप में पुलिस ने शिकायतकर्ता को किया था गिरफ्तार

    दर्ज मुकदमे में ओमवीर सिंह ने कहा है कि 26 अगस्त 2025 को गुदड़ी मंसूर खां के तत्कालीन चौकी इंचार्ज सुखवेंद्र सिंह अपने साथ तीन दारोगा व तीन सिपाही को लेकर आए और भजनलाल की ओर से मुकदमा दर्ज कराए जाने की बात कही। उसने दुकानदार से बात की तो उन्होंने नौकरी पर वापस आने की बात कही। इन्कार करने पर वेतन के रूप में दिए गए रुपये व चार लाख रुपये की मांगे गए।

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    चौकी इंचार्ज ने नहीं सुनी एक भी बात

    युवक ने आरोप लगाया कि दारोगा ने दुकान मालिक से 20 हजार रुपये की रिश्वत लेकर उसे गिरफ्तार कर थाने में पीटने के साथ ही नाजुक अंग में करंट लगाया। उसने तर्क दिया कि दुकान में 22 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, उन्हें चेक कर लो। चौकी इंचार्ज ने उसकी नहीं सुनी और न ही कैमरे चेक किए।

    आरोप है कि चौकी इंचार्ज की ओर से भी रिश्वत मांगी गई। दुकानदार से ही टूटा-फूटा व पुरान सामान लिया और उसे बरामदगी में दिखाकर उसे जेल भेज दिया।

    जेल से छूटने के बाद पुलिस अधिकारियों से की शिकायत

    जेल से छूटने के बाद उसने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। युवक का कहना था कि दुकानदार से उसका पंखे का विवाद चल रहा था। इसीलिए उसने नौकरी छोड़ दी थी। इस विवाद के चलते उसे चोरी के झूठे मुकदमे में फंसाया गया।

    इंस्पेक्टर छत्ता अंकुर मलिक ने बताया कि दुकान में हुई चोरी के मामले में ओमवीर सिंह तोमर सहित तीन लोग जेल गए थे। उनकी निशानदेही पर चोरी का माल भी बरामद किया गया है। कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।

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