अलीगढ़ में 4.80 करोड़ के सुंदरीकरण प्रोजेक्ट में लापरवाही, मुंबई की कंपनी ब्लैकलिस्ट
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने निरीक्षण के बाद यह कार्रवाई की, क्योंकि दिसंबर 2025 में शुरू हुआ काम पांच महीने बाद भी पूरा नहीं हुआ था। ...और पढ़ें

जीटी रोड पर किए जाने वाले सुंदरीकरण के कार्य का निरीक्षण करते नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा। सौ. नगर निगम

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। शहर के सुंदरीकरण के कार्य में लेटलतीफी पर मुंबई की कार्यदायी कंपनी मैसर्स क्रिएटिव बिजनेस एसोसिएट्स को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। जीटी रोड पर ब्ल्यूबर्ड स्कूल से मसूदाबाद, तहसील तिराहा व अशोक चक्र जेलपुल तक सड़क के दोनों ओर सुंदरीकरण का काम कराया जाना था।
इसका ठेका मुंबई की उक्त कंपनी को 4.80 करोड़ रुपये में दिया गया था। मगर काम में लापरवाही व विलंब दोनों पाए गए। सोमवार को नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने इस रूट पर किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया तो खामियां सामने आईं। इस पर उन्होंने कंपनी को तत्काल ब्लैक लिस्ट करने का कदम उठाया।
ब्ल्यूबर्ड स्कूल से जीटी रोड तक सड़क के दोनों किया जाना था सुंदरीकरण
लगभग 1.25 से 1.50 करोड़ रुपये वार्षिक का टर्नओवर (स्लैब-एफ) रखने वाली अंतरराष्ट्रीयस्तर की कंपनी पर इस कार्रवाई से शहर में काम कर रहीं अन्य ठेकेदार फर्मों में भी खलबली मच गई है। कई फर्म व एजेंसी कार्यों में लेटलतीफी बरत रही हैं। नगर आयुक्त ने बताया कि दिसंबर 2025 में ये काम शुरू कराया गया था। 70 से 80 दिनों में काम पूरा करने की सीमा निर्धारित की गई थी। मगर पांच महीने तक कार्य पूर्ण होना तो दूर इसमें कोाई संतोषजनक प्रगति भी नहीं दिख रही है।
दिसंबर 2025 में काम शुरू हुआ, अब तक नहीं दिख रही कोई ठोस पहल
नगर आयुक्त ने कहा कि शहर के विकास कार्यों व सुंदरीकरण के काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टालरेंस नीति का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए विकास कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्धता में कंपनी द्वारा लापरवाही बरतने पर ब्लैकलिस्ट की कार्रवाई की गई है।
खबरें और भी
यह भी पढ़ें- आईपीएल खेलकर स्टार क्रिकेटर रिंकू सिंह अलीगढ़ लौटे, जल्द बनाएंगे एक और आशियाना
यह भी पढ़ें- UP Weather: नौतपा में झमाझम बारिश, 5 जून तक राहत देगी बरसात; जेट स्ट्रीम की वजह से मानसून में देरी
15वें वित्त आयोग की राशि से कराया जा रहा काम
नगर आयुक्त ने बताया कि ये काम नगर निगम द्वारा 15वें वित्त आयोग की राशि से कराया जा रहा है। इसको समय से पूर्ण करने के लिए संबंधित फर्म को समय-समय पर नोटिस भी जारी कर पर्याप्त अवसर प्रदान किए गए। इसके बावजूद फर्म द्वारा कार्य को गंभीरता से नहीं लिया गया और बार-बार निर्देशों की अवहेलना की गई। इससे न केवल परियोजना प्रभावित हुई बल्कि नगर निगम को आर्थिक क्षति होने के साथ जनसुविधाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। इसलिए कार्रवाई की गई है।