अमेठी में अवैध पटाखा फैक्ट्री में धमाका, महिला बुरी तरह झुलसी, बिना लाइसेंस चल रहा था कारोबार
मोहनगंज के हसवा गांव में अवैध रूप से पटाखा बनाते समय हुए विस्फोट में एक महिला गंभीर रूप से झुलस गई, जिसकी हालत चिंताजनक है। पुलिस को घटना की जानकारी न ...और पढ़ें

HighLights
मोहनगंज में अवैध पटाखा बनाते समय हुआ विस्फोट।
जरीना बानो गंभीर रूप से झुलसी, हालत चिंताजनक।
पुलिस को घटना की जानकारी नहीं, कारोबार जारी।
जागरण संवाददाता, अमेठी। अवैध रूप से पटाखा बनाते समय विस्फोट होने से एक महिला गंभीर रूप से झुलस गई। जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां हालत चिंताजनक बनी हुई है। घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है।
हसवा गांव में शुक्रवार देर रात अवैध रूप से पटाखा बनाते समय विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि आसपास धुआं फैल गया। धमाके की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
घटना में जरीना बानो पत्नी सहबान अली गंभीर रूप से झुलस गई। ग्रामीणों ने महिला को रात्रि एक बजे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल और एम्स रायबरेली रेफर किया गया, जहां एम्स में बेड खाली न होने पर मेडिकल कालेज के आईसीयू में भर्ती कराया गया।
बताया जा रहा है कि विस्फोट में महिला की कमर के नीचे का अधिकांश हिस्सा बुरी तरह झुलस गया है और हालत चिंताजनक बनी हुई हैं। गांव के लोग मामले में खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण महिला चूड़ी बेचने के साथ-साथ पटाखा बनाने का काम भी करती थी। परिवार में छह बच्चे हैं, जिनमें चार पुत्रियां और दो पुत्र हैं।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
मोहनगंज क्षेत्र में अवैध रूप से पटाखा बनाने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले फूला और कमई में भी पुलिस अवैध आतिशबाजी निर्माण के मामलों में कार्रवाई कर चुकी है। इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में बिना लाइसेंस आतिशबाजी निर्माण का कारोबार रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
लोगों का कहना है कि आबादी के बीच घरों में ही विस्फोटक सामग्री से आतिशबाजी तैयार की जाती है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं बिना लाइसेंस बड़ी मात्रा में बारूद और अन्य ज्वलनशील सामग्री की उपलब्धता तथा उसकी आपूर्ति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। घटना से पुलिस अंजान है। प्रभारी थानाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ऐसी कोई घटना उनके संज्ञान में नहीं हैं।