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    अयोध्या में तीर्थाटन करने पहुंचे असम के चाय बागान के 30 श्रमिक, कौतूहल भरी नजरों से निहारी रामनगरी की छटा

    Updated: Sun, 05 Apr 2026 08:54 PM (IST)

    असम के चाय बागान के 30 श्रमिक पहली बार अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने राम मंदिर सहित अन्य प्रमुख मंदिरों के दर्शन किए। ...और पढ़ें

    दर्शनोपरांत अंगद टीले पर सम्मानित किए जाने के बाद श्रमिकों के साथ ट्रस्ट से जुड़े लोग। जागरण

    दर्शनोपरांत अंगद टीले पर सम्मानित किए जाने के बाद श्रमिकों के साथ ट्रस्ट से जुड़े लोग। जागरण

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    जागरण संवाददाता, अयोध्या। असम की परिधि से बाहर निकल पहली बार 1400 किमी. दूर रामनगरी पहुंचे चाय बागान के कर्मयोगियों ने अयोध्या की छटा को कौतूहल भरी नजरों से निहारा। यहां की जीवंतता देखी और राम मंदिर सहित अन्य प्रमुख मंदिरों का दर्शन-पूजन कर काफी अभिभूत हुए। दर्शन-पूजन के बाद श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से अंगद टीले पर आयोजित सामाजिक सम्मिलन में कर्मयोगियों ने अपने अनुभव भी साझा किए।

    कहा, यह उनके लिए किसी सपने के पूरे होने के समान है। अन्यथा, उनके लिए इतनी दूर आकर दर्शन कर पाना दुरूह था। कर्मयोगियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ ही अपनी आवभगत के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी प्रशंसा की।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा पर रविवार की सुबह असोम के डिब्रूगढ़ के मनोहारी टी-एस्टेट के चाय बागान के 30 श्रमिकों की पहली टोली अयोध्या पहुंची थी। इसमें पांच पुरुष तो 25 महिलाएं शामिल थीं। यहां बस के माध्यम से सभी श्रमिकों को अशोक सिंहल फाउंडेशन व मनोहारी टी-एस्टेट के सहयोग से लाया गया था।

    श्रमिकों ने पहले कारसेवकपुरम पहुंच कर थोड़ी देर विश्राम किया। इसके बाद यह दल सरयू के नया घाट पहुंचा और यहां पुण्य सलिला में स्नान-ध्यान कर नागेश्वरनाथ मंदिर, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, दशरथ महल सहित अन्य मंदिरों में दर्शन-पूजन किया और लता चौक व राम की पैड़ी पर एकत्रित होकर फोटो खिंचाई। दोपहर में सभी श्रमिक रामजन्मभूमि परिसर पहुंचे।

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    यहां राम मंदिर में रामलला व राम परिवार का दर्शन करने के बाद इन्हें परकोटे में निर्मित पूरक मंदिरों में भी दर्शन कराया गया। इस दौरान सभी कर्मयोगी अचरज भरी निगाहों से राम मंदिर की दिव्यता-भव्यता को अपलक देखते रहे।

    अपराह्न एक बजे राम मंदिर के निकासी मार्ग अंगद टीले पर इनसे संवाद के लिए श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से सामाजिक सम्मिलन आयोजित किया गया। इसमें सभी कर्मयोगियों ने अपने-अपने अनुभव साझा किए।

    बताया कि पहली बार वह असोम राज्य से बाहर निकले हैं। अभी तक उन्होंने असोम के ही प्रसिद्ध स्थलों का दर्शन किया था। उन्होंने इसके लिए मनोहारी टी-एस्टेट व अशोक सिंहल फाउंडेशन का आभार जताया और इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दिया। कहा, पीएम मोदी ने गत दिनों उनसे चाय बागान में मुलाकात की थी। उनकी पीड़ा सुनी-समझी थी।

    इसके बाद ही उन्होंने अयोध्या सहित अन्य तीर्थस्थलों का भ्रमण करने के लिए कहा था। उनके ही निर्देश पर उनके टी-एस्टेट ने इस तीर्थाटन का प्रबंधन किया। आयोजन के अंत में सभी कर्मयोगियों को रामनामी ओढ़ा कर सम्मानित किया गया और प्रसाद भेंट किया गया।

    इस अवसर पर राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल कुमार मिश्र ने कर्मयोगियों की यात्रा की विस्तृत जानकारी दी और धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर सीता रसोई के प्रभारी धनंजय पाठक, सुबोध मिश्र, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, कारसेवकपुरम के सह प्रभारी उमेश पोरवाल, ट्रस्ट से जुड़े रजनीश, आदि के साथ अशोक सिंघल फाउंडेशन के प्रतिनिधि ब्रजेश पाठक, नितेश आदि भी उपस्थित रहे।

    कर्मयोगियों का नेतृत्व कर रहे रूपम गोगोई, अजित मुरा, दिलीप पूर्त्या, बसु नायक, संजीब धान आदि ने आतिथ्य के लिए आभार व्यक्त किया। अयोध्या से अपराह्न चार बजे श्रमिकों का दल वाराणसी रवाना हो गया। नितेश ने बताया कि वाराणसी से इन्हें सोमनाथ, फिर रामेश्वरम भी ले जाया जाएगा।

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