अयोध्या के विघ्नेश्वर धाम में देश का सबसे बड़ा महा त्रिशूल स्थापित, 60 फीट ऊंचाई; 365 पुजारियों ने किया पूजन
अयोध्या के रमपुरवा स्थित 500 वर्ष पुराने विघ्नेश्वर धाम शिवाला मंदिर में 60 फीट ऊंचे महा त्रिशूल की स्थापना की गई, जिसे देश का सबसे बड़ा त्रिशूल बताया ...और पढ़ें

HighLights
अयोध्या के विघ्नेश्वर धाम में 60 फीट ऊंचा त्रिशूल स्थापित।
365 पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन किया।
यह महा त्रिशूल सनातन संस्कृति का प्रतीक बनेगा।
जागरण संवाददाता, अयोध्या। सावन माह में अयोध्या से करीब 30 किलोमीटर दूर शाहगंज बाजार के समीप रमपुरवा स्थित पांच सौ वर्ष पुराने विघ्नेश्वर धाम शिवाला मंदिर में आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। यहां 60 फीट ऊंचे और 11 फीट चौड़े विशाल महा त्रिशूल की स्थापना की गई।
दावा किया जा रहा है कि यह देश का सबसे बड़ा महा त्रिशूल है। स्थापना के दौरान मंदिर परिसर में हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरा मंदिर परिसर बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजता रहा।
यह धार्मिक आयोजन दो दिन तक चला। रविवार सुबह से ही 24 घंटे का अखंड ओम नमः शिवाय जप शुरू हुआ। सोमवार को सुबह जप पूर्ण होने के बाद प्रात: आठ से 10 बजे तक 365 पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन, पूजन और पुष्प अक्षत अर्पित किये।
इसके बाद प्रात: 10 से 12 बजे के बीच वैदिक परंपरा के साथ क्रेन की मदद से महा त्रिशूल की स्थापना की गई। स्थापना के बाद संतों ने श्रद्धालुओं को आशीर्वचन दिया।
दोपहर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। सुबह से ही भक्त शिवलिंग का जलाभिषेक कर भगवान शिव का आशीर्वाद लेने के लिए मंदिर पहुंचते रहे।
आयोजन में मुख्य रूप से गोसाईंगंज से विधायक रहे इंद्रप्रताप तिवारी खब्बू, पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा, अमित योगी, अनिल उपाध्याय, मेडिकल कालेज के विभागाध्यक्ष डा. विनोद आर्य, शरद तिवारी, दिग्विजय सिंह, डा. राकेश गुप्त, धर्मेंद्र सिंह के साथ शिव भक्त उपस्थित रहे।
सनातन संस्कृति का प्रतीक बनेगा महा त्रिशूल
मंदिर के पुजारी अमित योगी ने बताया कि विघ्नेश्वर धाम अपनी प्राचीन परंपरा और 365 पुजारियों की सेवा व्यवस्था के लिए प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि महा त्रिशूल की स्थापना सनातन संस्कृति, शिवभक्ति और जनआस्था का प्रतीक है। इससे यह धाम शिवभक्तों के लिए एक प्रमुख धार्मिक केंद्र के रूप में नई पहचान बनाएगा। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गये थे।