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    राम मंदिर चढ़ावा चोरी की एसआईटी जांच में लापरवाही साबित होने के बाद भी नहीं हटाए गए कर्मी, उठ रहे हैं सवाल

    By Lavlesh Kumar Mishra Edited By: Dharmendra Pandey
    Updated: Wed, 24 Jun 2026 07:33 PM (IST)

    Ram Mandir Ayodhya: गिनती की निगरानी बैंककर्मी, तो नकदी की गणना ट्रस्ट के छह कर्मियों के हवाले है। ...और पढ़ें

    अयोध्या। राम मंदिर (फाइल फोटो)

    अयोध्या। राम मंदिर (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. अयोध्या में पग-पग पर होती रही चढ़ावा चोरी, दानराशि की गणना में लगे बैंककर्मी बदले गए न ही कलेक्शन एजेंसी

    2. ट्रस्ट कर्मियों के साथ संलिप्तता के आरोप के बाद भी नहीं बदला स्टाफ, पुरानी एजेंसी ही कर रही कलेक्शन

    जागरण संवाददाता, अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में विशेष जांच दल (एसआईटी) को हर कदम पर खामियां मिली हैं। न केवल ट्रस्टियों के स्तर से अनदेखी साबित हो रही है, बल्कि गणना की जिम्मेदारी संभाल रहे भारतीय स्टेट बैंक के कर्मियों की भी संलिप्तता या लापरवाही प्रमाणित हो रही है।

    इसके बावजूद अभी उन्हीं बैंककर्मियों से गणना कराई जा रही है, जिन पर सवाल उठे हैं। एसबीआइ के स्टाफ न बदलने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। बैंक स्तर से उस एजेंसी को भी नहीं बदला गया, जिस पर नकदी एकत्रित करके गणना कक्ष तक ले जाने का दायित्व है। बताया जा रहा है कि इस कार्य में लगे रहे सभी कर्मी पूर्व की भांति ड्यूटी पर हैं। ट्रस्ट ने अपने स्तर से संदिग्ध कर्मियों को हटा दिया है और एक पूर्व सैन्य अधिकारी की निगरानी में प्रक्रिया संपन्न कराई जा रही है।

    श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से दान में मिली नकदी की गणना का दायित्व भारतीय स्टेट बैंक को सौंपा गया है। बैंक ने अपने नौ कर्मियों को लगा रखा है। ये कर्मी कई वर्षों से निरंतर यह कार्य कर रहे हैं। बैंक ने वाराणसी की सैनिक सर्विसेज कंपनी को भी अधिकृत कर रखा है, जिसके लगभग 25 कर्मी दानपात्रों से नकदी एकत्र करते हैं। गिनती की निगरानी बैंककर्मी, तो नकदी की गणना ट्रस्ट के छह कर्मियों के हवाले है।

    गत पांच जून को गणना के दौरान गबन का मामला सामने आने के बाद एसआइटी जांच शुरू हुई तो व्यापक खामियां उजागर हुईं। बैंककर्मियों की भूमिका पर भी सवाल उठे। ट्रस्ट के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने भी सामने आकर दो बैंककर्मियों का नाम लेकर सवाल उठाए। इसके बाद भी अभी तक किसी कर्मचारी को बैंक प्रबंधन ने नहीं हटाया। एसबीआइ अयोध्या के शाखा प्रबंधक अनूप त्रिपाठी का कहना था कि अभी किसी को नहीं हटाया गया है। किससे कार्य लिया जाएगा, यह उच्चाधिकारी निर्धारित करेंगे। अभी मामले की जांच की जा रही है।

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    जिला प्रशासन को भी ट्रस्ट ने नहीं दी सूचना

    भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह के प्रधानमंत्री को संदर्भित पत्र के संबंध में अपर जिलाधिकारी इंद्रकांत द्विवेदी ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव से वांछित सूचनाएं देने का अनुरोध किया। उन्होंने अवगत कराया है कि वर्तमान समय में एसआईटी जांच जारी रहने और टीम के समस्त सूचनाएं संकलित करने के कारण कोई जानकारी मिल पाना संभव नहीं है।

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    एडीएम ने डॉ. रजनीश को पत्र भेज इसकी जानकारी दी है। रजनीश ने आनलाइन पत्र भेज ट्रस्ट की स्थापना से अब तक की समस्त आय, व्यय, दान, बैंक खाते में जमा राशि, भूमि क्रय-विक्रय और संपत्तियों से जुड़ा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की थी।