बदायूं सीबीजी प्लांट: दोहरे हत्याकांड के बाद 85 कर्मी नौकरी से निकाले, हत्यारोपी के 2 भाई भी शामिल
बदायूं के सैजनी गांव स्थित सीबीजी प्लांट में दोहरे हत्याकांड के बाद 85 आउटसोर्सिंग कर्मियों को नौकरी से निकाल दिया गया है। इनमें हत्यारोपी अजय प्रताप ...और पढ़ें

सैजनी स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम का सीबीजी प्लांट। जागरण
HighLights
दोहरे हत्याकांड के बाद सीबीजी प्लांट से 85 कर्मी निकाले गए
हत्यारोपी अजय प्रताप सिंह के दो भाई भी नौकरी से हटाए गए
प्लांट फिलहाल बंद, सुरक्षा सामान्य होने पर नई भर्तियां होंगी
जागरण संवाददाता, बदायूं। दोहरे हत्याकांड से दहले कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट (सीबीजी) के 85 आउटसोर्सिंग कर्मियों को नौकरी से निकाल दिया गया। इसमें हत्यारोपित अजय प्रताप सिंह का भाई केशव प्रताप व चंद्रशेखर भी शामिल है। एन-3-ई टेक्नालाजी प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधक पराग हलानी ने इस संबंध में सभी को ई-मेल जारी कर दिया।
अब नये सिरे से भर्तियां की जाएंगी। हत्याकांड के बाद से प्लांट बंद है। माना जा रहा कि माहौल सामान्य होने एवं सुरक्षा के पर्याप्त संसाधनों के बाद प्लांट दोबारा शुरू किया जाएगा।
सीबीजी प्लांट से हत्यारोपित के दो भाइयों समेत 85 को नौकरी से निकाला
सैजनी गांव स्थित सीबीजी प्लांट में 12 मार्च को हिंदुस्तान पेट्रोलियम के उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता और सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा की हत्या कर दी गई थी। हत्यारोपित अजय प्रताप सिंह आउटसोर्सिंग पर 14 हजार रुपये प्रतिमाह के वेतन पर भर्ती हुआ था। नौकरी के बहाने परिसर में पहुंचकर उसने पराली आपूर्ति का ठेका भी लेना शुरू कर दिया था। अराजकता एवं अनुशासनहीता के कारण सुधीर गुप्ता ने सख्ती शुरू की थी।
आउटसोर्सिंग पर नये सिरे से रखे जाएंगे कर्मी
चार महीने पहले मानव संसाधन उपलब्ध कराने वाली लक्ष्य इंटरप्राइजेज का ठेका निरस्त कर एन-3-ई टेक्नालाजी प्राइवेट लिमिटेड को दे दिया गया था। नई कंपनी ने उस समय 40 कर्मचारियों की छंटनी की थी, जिसमें अजय प्रताप भी शामिल था। इसी रंजिश में उसने दोहरा हत्याकांड कर दिया था।
इस प्रकरण के बाद आरोप लगे कि जनप्रतिनिधि की सिफारिश पर एक ही जाति के अधिकतर लोगों को नौकरी दी गई। ये सभी कर्मी प्लांट में दबंगई दिखाते थे। 17 मार्च को एन-3-ई टेक्नालॉजी प्राइवेट लिमिटेड की ओर से आउटसोर्सिंग के शेष 85 कर्मियों को ई-मेल भेजकर सेवा समाप्ति की सूचना दे दी।
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एक ही जाति के अधिकतर युवकों को नौकरी देने का लगाया गया था आरोप
कंपनी की ओर से कहा गया कि अप्रत्याशित आपातकालीन परिस्थितियों के कारण प्लांट संचालन बंद कर दिया गया है। कंपनी ने लिखा कि 13 मार्च से सभी की सेवा समाप्त कर दी गई है। इस अवधि तक का भुगतान कर दिया जाएगा।
तीन शिफ्ट से दो में कर दी थी ड्यूटीपूर्व में कर्मचारियों की अधिकता के चलते लक्ष्य इंटरप्राइजेज तीन शिफ्टों में कर्मचारियों की ड्यूटी लगा रही थी। यह काम जब एन-3-ई टेक्नालॉजी प्राइवेट लिमिटेड को काम मिला तो छंटनी के बाद बचे 85 कर्मचारियों की 12-12 घंटे की ड्यूटी दो शिफ्टों में लगानी शुरू कर दी।