दिल्ली-नोएडा अब दूर नहीं! बदायूं के इन 4 तहसीलों में शुरू होगा तरक्की का एक्सप्रेसवे, व्यापारियों की मौज
गंगा एक्सप्रेसवे बदायूं जिले के 92 किमी क्षेत्र से गुजर रहा है, जिससे चार तहसीलों के 85 गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली-नोएडा सहित बड ...और पढ़ें

गंगा एक्सप्रेसवे पर घटपुरी में बनाए गए इंटरचेंज का टोल प्लाजा। जागरण
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जिले की चार तहसील बदायूं, बिसौली, बिल्सी और दातागंज से होकर निकला है गंगा एक्सप्रेस-वे
जागरण संवाददाता, बदायूं। गंगा एक्सप्रेसवे जिले से 92 किमी क्षेत्र से गुजरा है। यह चार तहसीलों के 85 गांवों से होकर गुजर रहा है। इस एक्सप्रेसवे के यहां से गुजरने से जिले के लोगों को सीधा लाभ होगा। अब तक बड़े शहरों से जिले की कनेक्टिविटी न होने के कारण यहां के किसान, व्यापारी आदि अपनी फसल व अन्य सामान बड़े शहरों तक ले जाने में अधिक खर्च करते थे या ले नहीं जाते थे।
इसी तरह बाहर से आने वाले व्यापारी भी सीधी कनेक्टिविटी न होने के कारण यहां नहीं आते थे। मगर अब मेरठ और प्रयागराज तक जाने वाले इस एक्सप्रेसवे से दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद आदि शहरों में लोग आसानी से आ जा सकेंगे। जिससे व्यापार और किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी।
जिले में गंगा एक्सप्रेसवे से चार तहसीलें बदायूं, बिसौली, बिल्सी व दातागंज प्रभावित हो रही हैं। बदायूं तहसील के 18 ग्राम, बिसौली तहसील के 38 ग्राम, बिल्सी तहसील के दो ग्राम तथा तहसील दातागंज के 27 ग्राम, कुल 85 ग्राम आच्छादित हो रहे हैं। इसके लिए जिले में लगभग 1200 हेक्टेयर भूमि गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना हेतु अधिग्रहित की गई है।
बदायूं में गंगा एक्सप्रेसवे संभल की ओर से तहसील बिसौली के ग्राम ओर कासिमाबाद से प्रवेश कर तहसील दातागंज के ग्राम खानपुर पंवसाला तक पहुंचेगा। जिले में गंगा एक्सप्रेसवे की लंबाई लगभग 92 किमी है, जिसमें मुख्य रूप से तहसील बिसौली में 46.400, तहसील बदायूं में 20.400 तथा तहसील दातागंज में 24.200 किमी लंबाई है।
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यह सभी तहसील क्षेत्र कृषि आधारित हैं। जहां गेंहू, धान, मैंथा, गन्ना, मक्का और आलू की खेती होती है। अब तक कनेक्टिविटी के अभाव में व्यापारी भी यहां तक नहीं आ पाते थे, लेकिन अब फसल खरीदने के लिए व्यापारी और कंपनियों के प्रतिनिधि आसानी से आ सकेंगे और खरीद के बाद यहां से माल भी आसानी से ले जाया जा सकेगा।
डहरपुरकला में भी भूमि अधिग्रहित प्रस्तावित
औद्योगिक गलियारे के लिए तहसील बदायूं के तीन गांव घटपुरी, औरंगाबाद माफी तथा कुंवरपुरखेडा की भूमि ली गयी है। जबकि
तहसील दातागंज के ग्राम डहरपुरकला स्थित इंटरचेंज पर लगभग 300 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक गलियारा प्रस्तावित है, जिसके लिए तहसील दातागंज के पांच ग्राम बिहारीपुर, छछूं, डहरपुरकला, कैल्हाई तथा डोलापुर की भूमि अधिग्रहित किये जाने की कार्रवाई प्रचलित है।
किसानों व व्यापारियों की बात
किसान मुनाफ अली पूर्व प्रधान निवासी सेमर मई ने बताया कि उनका गांव गंगा एक्सप्रेसवे किनारे है। गंगा एक्सप्रेसवे बनने से हम किसानों को उन्नतशील किसान बनने में कापी सहुलियत मिलेगी। हमारी जमीनों, हमारे गांव के पास से गुजर रहा गंगा एक्सप्रेसवे से रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। यहां बन रहे औद्योगिक क्षेत्र से युवाओं को रोजगार मिलेगा।
कुंडरा निवासी किसान रामपाल सिंह ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे किनारे ही उनका गांव है। यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के 12 जिलों को जोड़ता है। किसानों को प्रदेश के बड़े शहरों में अपने कृषि उत्पादन बेचने के लिए ले जाने के लिए उचित दाम मिलने में भी काफी लाभ मिलेगा। इससे क्षेत्र के युवाओं को रोजगार मिलेगा।
कुंडरा निवासी तनवीर खां ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे बनने से किसानों को काफी लाभ मिल रहा है। कृषि उत्पादों को बाजार में पहुंचने में तीव्र गति मिलेगी। यहां से 12 जिलों तक पहुंचने में आसानी होगी। बड़े शहरों से कनेक्टिविटी मिलने से व्यापारी भी अब क्षेत में आसानी से आ जा सकेंगे। किसानों को तो इससे बहुत लाभ होने वाला है।
शहर के व्यापारी प्रिंस मेहंदीरत्ता ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे किसानों के लिए लाभदायक साबित होगा। इसके शुरू होने से जिले की कनेक्टिविटी कई बड़े शहरों से हो जाएगी। अब वादकारियों और अधिवक्ताओं को भी प्रयागराज तक जाना आसान हो जाएगा। व्यापारी और किसान भी बेहतर कनेक्टिविटी के कारण व्यापार में लाभ कमा सकेंगे।