Delhi-Dehradun Greenfield Highway पर बागपत से सहारनपुर तक हटाए जाएंगे 80 अवैध होर्डिंग, एजेंसियों पर होगा एक्शन
Delhi-Dehradun Greenfield Highway पर बागपत से सहारनपुर तक 80 जानलेवा होर्डिंग हटाए जाएंगे। एनएचएआई की शिकायत पर यूपी सरकार ने इन अवैध होर्डिंग को हटान ...और पढ़ें

दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे। जागरण
HighLights
एजेंसियां जानबूझकर एनएचएआइ के राइट आफ वे से दो-तीन मीटर बाहर होर्डिंग लगा रहीं।
होर्डिंग के कारण तीन सेकेंड ध्यान भटकने से वाहन लगभग 90 मीटर बिना नियंत्रण के आगे जा सकता।
जागरण संवाददाता, बागपत। दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कारिडोर (दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे) पर बागपत से सहारनपुर तक वाहन चालकों की जान के लिए खतरा बने 80 होर्डिंग हटाए जाएंगे। एनएचएआइ चेयरमैन ने उप्र शासन को पत्र लिखकर होर्डिंग लगाने वाली संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए लिखा था।
अब उप्र शासन के सचिव ने डीजीपी व एडीजी यातायात एवं सड़क सुरक्षा को संबंधित जिला प्रशासन को तत्काल ऐसे अवैध होर्डिंग हटाने में सहयोग करने के लिए निर्देशित करने को लिखा है।
एनएचएआइ चेयरमैन संतोष यादव ने उप्र शासन के मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल को पत्र लिखकर बताया था कि नवनिर्मित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का फेज-दो (Delhi-Saharanpur-Dehradun Economic Corridor) बागपत से सहारनपुर तक छह लेन का एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड हाईवे (Delhi-Dehradun Greenfield Highway) है। यह हाईवे यूपी में बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर से गुजरता है।
विज्ञापन एजेंसियां अवैध रूप से खड़े कर रहीं बड़े और बहुरंगी होर्डिंगों के ढांचे
इस पर वाहनों की गति सीमा 100 प्रति किलोमीटर प्रति घंटा है। इस हाईवे पर निजी विज्ञापन एजेंसियां अवैध रूप से बड़े और बहुरंगी होर्डिंग के ढांचे खड़े कर रही हैं। कार्रवाई से बचने के लिए ये एजेंसियां जानबूझकर एनएचएआइ के आरओडब्लू (राइट आफ वे) से दो-तीन मीटर बाहर इन होर्डिंग को लगा रही हैं।
मार्च में हुए सर्वे में बागपत से सहारनपुर तक ऐसे 80 होर्डिंग चिह्नित किए गए। इनमें 45 बागपत-मुजफ्फरनगर खंड, 15 शामली और 20 सहारनपुर जनपद में हैं।
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100 किमी प्रति घंटा की गति पर महज तीन सेकेंड का भटकाव भी बन सकता है बड़े हादसे का कारण
इन चारों जिलों की जिला पंचायतें इन एजेंसियों को एनएचएआइ के परामर्श के बिना एनओसी जारी कर रही हैं। 100 किमी प्रति घंटा की गति पर महज तीन सेकेंड का भटकाव भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। एनएचएआइ ने पूर्व में चारों जिलों के एसपी, एसडीएम, जिला पंचायत अध्यक्षों को ऐसे होर्डिंग हटाने और इन एजेंसियों पर एफआइआर दर्ज करने के लिए कई पत्र लिखे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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चेयरमैन ने मुख्य सचिव से आग्रह किया कि चारों जिलों के प्रशासन को तत्काल ऐसे सभी अवैध होर्डिंग हटाने के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने और दोषी विज्ञापन एजेंसियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने के लिए निर्देशित करें।
सभी संबंधित जिला पंचायतें एनएचएआइ की पूर्व सहमति के बिना एनएच पैरा कारिडोर पर होर्डिंग के लिए आगे कोई एनओसी जारी करना बंद करें। पहले से जारी की गई एनओसी रद की जाए।
संबंधित जिलों के पुलिस अधिकारी एनएचएआइ के साथ संयुक्त रूप से होर्डिंग हटाने के अभियानों के दौरान पर्याप्त बल प्रदान करें। इस पर अब सचिव मोहित गुप्ता ने डीजीपी और एडीजी यातायात एवं सड़क सुरक्षा से तत्काल कार्रवाई करने की अपेक्षा की है।
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मोबाइल फोन चलाने जितना खतरनाक
एनएचएआइ के अनुसार होर्डिंग के कारण मात्र तीन सेकेंड का विकर्षण वाहन को लगभग 90 मीटर बिना नियंत्रण के आगे ले जा सकता है, जो ड्राइविंग करने समय मोबाइल फोन चलाने जितना ही खतरनाक है। ये बहुरंगी होर्डिंग चालकों का ध्यान भंग कर जानलेवा दुर्घटनाओं को न्योता देते हैं।
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